झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा भड़का, आज सोरेन-राहुल के पुतले जलेंगे और 20 अगस्त को CM आवास घेरने का ऐलान है। JPSC-JSSC परीक्षा रद्द और CBI जांच की मांग से सियासत गरमाई।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर चल रहा आंदोलन अब एक बेहद विस्फोटक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है। हफ्तों से अपनी मांगों को लेकर सडकों पर डटे छात्रों ने सरकार के खिलाफ अपने तेवर और ज्यादा सख्त कर लिए हैं। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले एकजुट हुए हजारों युवाओं ने ऐलान किया है कि प्रदर्शनकारी पूरे राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पुतले जलाएंगे।

तिरंगा यात्रा के बाद क्यों बढ़ा टकराव?

शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आंदोलन के 22वें दिन हजारों छात्रों ने रांची में एक विशाल 'तिरंगा यात्रा' निकाली। मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने कहा कि आजादी का मतलब केवल अंग्रेजों से मुक्ति नहीं, बल्कि अवसरों की असमानता, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और अन्याय से मुक्ति भी है। छात्रों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य भर्ती व्यवस्था में भरोसा बहाल करना है।

20 अगस्त को क्या होगा?

विवाद की गंभीरता तब और बढ़ गई जब छात्र संगठनों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का अनिश्चितकालीन घेराव करने की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। इस पूरे आंदोलन में यह पहला मौका है जब छात्रों ने न केवल परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है, बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की सीधी जवाबदेही तय करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी सार्वजनिक मांग कर दी है।

Scroll to load tweet…

पहली बार सोरेन के इस्तीफे की मांग

आंदोलन में अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ तब आया जब प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग कर दी। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में JSSC CGL और 11वीं-13वीं JPSC परीक्षाओं को रद्द करना तथा कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की सिफारिश करना शामिल है।

Scroll to load tweet…

भूख हड़ताल कर रहे महतो को रोका गया?

आंदोलन के बीच JLKM नेता देवेंद्र महतो भी चर्चा में हैं। वह 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। महतो ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें सदर अस्पताल से तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए निकलने से रोका। एक वीडियो में सुरक्षा अधिकारी उन्हें रोकता दिखाई देता है। महतो ने सवाल उठाया कि उन्हें मार्च में शामिल होने से किस संवैधानिक प्रावधान के तहत रोका गया।

मुख्य मांगें:

  • परीक्षाएं रद्द करना: JSSC CGL और 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
  • CBI जांच: भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की निष्पक्ष CBI जांच हो।

सोरेन का आश्वासन, लेकिन छात्र नहीं माने

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में माना कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों ने नौकरी की तैयारी कर रही पूरी पीढ़ी का भरोसा प्रभावित किया है। उन्होंने पेपर लीक, भ्रष्टाचार या अन्य अनियमितताओं में दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। सरकार ने वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, तकनीक के अधिक इस्तेमाल, समय पर आंसर की और OMR शीट जारी करने तथा भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही मजबूत करने जैसे कदमों की बात कही है।