Kanpur Missing Trader Case: कानपुर में पुलिस की कथित लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया। 2 जुलाई से लापता व्यापारी देवेश शुक्ला की मौत के बाद उन्हें अज्ञात मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि सूचना तक नहीं दी गई। जानिए पूरा मामला।
Kanpur News : कानपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। चकरपुर मंडी से लापता हुए व्यापारी देवेश शुक्ला की मौत के बाद पुलिस ने उन्हें अज्ञात मानते हुए अंतिम संस्कार करा दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि परिजन लगातार उनकी तलाश में पुलिस के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें न तो अस्पताल में भर्ती होने की सूचना दी गई और न ही मौत की जानकारी। मामला सामने आने के बाद परिवार में भारी आक्रोश है और निष्पक्ष जांच की मांग उठी है।
2 जुलाई से थे लापता, घायल हालत में मिली थी पुलिस को जानकारी
परिजनों के मुताबिक, चकरपुर मंडी निवासी व्यापारी देवेश शुक्ला 2 जुलाई से लापता थे। इसी दौरान पनकी पुलिस को एक घायल व्यक्ति मिला, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान उसकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए।
करीब तीन दिन तक इलाज चलने के बाद 10 जुलाई को देवेश शुक्ला की मौत हो गई। इसके बाद भी पुलिस ने उन्हें अज्ञात मानते हुए लावारिस श्रेणी में अंतिम संस्कार करा दिया। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते पहचान की कोशिश की जाती, तो वे अपने परिजन का अंतिम दर्शन कर सकते थे।
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फील्ड यूनिट और रजिस्टर से खुली पोल, पुलिस पर उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि वे लगातार पुलिस से संपर्क कर रहे थे, लेकिन उन्हें किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई। बाद में फील्ड यूनिट के रिकॉर्ड और अस्पताल के रजिस्टर से पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद परिवार को पता चला कि जिस व्यक्ति की तलाश की जा रही थी, उसका अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका है।
इस मामले में पनकी और सचेंडी थाना पुलिस एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालती नजर आ रही है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और सूचना तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
परिवार ने मांगी निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
मृतक के छोटे भाई मुकेश शुक्ला और उनके चाचा, अधिवक्ता गिरधर द्विवेदी, ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लापता व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करना और परिजनों को सूचना देना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इस मामले में गंभीर लापरवाही बरती गई।
फिलहाल, यह मामला कानपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस विभाग की ओर से मामले की जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने का इंतजार है।
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