Karnataka College HIV Screening: नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, HIV मरीज़ों की संख्या में कर्नाटक देश में तीसरे नंबर पर है। इसी को देखते हुए सरकार ने सभी कॉलेजों में छात्रों के लिए HIV टेस्ट और काउंसलिंग शुरू करने का फैसला किया है। छात्रों की प्राइवेसी के लिए एक QR-आधारित ऐप भी बनाया जाएगा।
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी इंजीनियरिंग, आर्ट्स और साइंस कॉलेजों में छात्रों के लिए HIV टेस्ट और काउंसलिंग कराने का फैसला किया है। अब कॉलेजों में ही छात्रों का HIV टेस्ट किया जाएगा। यह कदम कर्नाटक स्टेट एड्स प्रिवेंशन सोसाइटी की अपील के बाद उठाया गया है। विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और कॉलेजिएट एजुकेशन डिपार्टमेंट ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि छात्रों की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए 'Know Your HIV Status' नाम से एक QR कोड वाला ऐप तैयार किया जाएगा।
इससे पहले यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी सभी हायर एजुकेशन संस्थानों को HIV पर जागरूकता फैलाने के लिए कहा था। इसी के तहत, कॉलेजों में खास हेल्थ कैंप लगाकर यह जांच और काउंसलिंग की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को इस योजना में सहयोग करने का निर्देश दिया है। यह बड़ा फैसला छात्रों के बीच बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया गया है। नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के आंकड़ों के अनुसार, HIV संक्रमितों की संख्या के मामले में कर्नाटक देश में तीसरे स्थान पर है।
नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, कर्नाटक में कुल 2.6 लाख लोग HIV से संक्रमित हैं। इनमें से करीब 54,000 लोगों को यह पता ही नहीं है कि उन्हें यह बीमारी है। राज्य में 18 से 25 साल के बीच के 7,000 मरीज़ हैं। आंकड़े बताते हैं कि 18 से 35 साल के लोगों में इसका संक्रमण तेजी से फैल रहा है। 2023-24 में इस उम्र के 44,500 लोगों में HIV का पता चला था, जो 2025-26 तक बढ़कर 66,000 हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, असुरक्षित यौन संबंध और नशीली दवाओं का इस्तेमाल HIV के मामले बढ़ने की मुख्य वजहें हैं। इसीलिए सरकार ने कॉलेज छात्रों के बीच HIV टेस्ट कराने का फैसला किया है, ताकि समय पर बीमारी का पता लगाकर इसके फैलाव को रोका जा सके और इसे गंभीर होने से बचाया जा सके।
