एर्नाकुलम में ट्रैफिक जाम के दौरान कार में एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आया। बस से उतरकर 2 नर्सों ने उसे तुरंत CPR दिया। उनकी सूझबूझ से अस्पताल पहुंचने तक शख्स की जान बच गई।

एर्नाकुलम: केरल के एर्नाकुलम जिले में दो नर्सों की सूझबूझ ने एक शख्स की जान बचा ली। ट्रैफिक जाम में फंसी कार में एक शख्स को हार्ट अटैक आ गया था। जान बचाने वाली इन नर्सों में एक बेंगलुरु की नर्सिंग स्टूडेंट आर्द्रा राज और दूसरी अंगमाली के एलएफ हॉस्पिटल की स्टाफ नर्स अंजलि बैजू हैं।

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मामला बुधवार सुबह का है। सिनोज नाम के एक शख्स अपनी कार से हॉस्पिटल जा रहे थे। जब वो कलाडी ब्रिज के पास पहुंचे, तो उन्हें सीने में तेज दर्द उठा। भारी ट्रैफिक जाम की वजह से उनकी कार वहीं फंस गई और वो कार के अंदर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

उसी रास्ते से KSRTC की एक बस गुजर रही थी, जिसमें ये दोनों नर्सें सफर कर रही थीं। सड़क किनारे भीड़ देखकर वे फौरन बस से उतरीं और कार के पास पहुंचीं। उन्होंने तुरंत सिनोज को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देना शुरू कर दिया। उन्हें अस्पताल पहुंचाने तक CPR देती रहीं, जिससे सिनोज की जान बच गई। दोनों की इस कोशिश की खूब तारीफ हो रही है।

इस घटना के बारे में बताते हुए अंजलि ने कहा, "मैं तुरंत बस से नीचे उतरी। मेरे साथ एक और नर्सिंग स्टूडेंट भी आईं। हमने उस शख्स की सांस और नब्ज (Pulse) चेक की, लेकिन दोनों ही नहीं चल रही थीं।" रिपोर्ट के मुताबिक, सिनोज की पहले एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) हो चुकी थी और वो चेक-अप के लिए ही एलएफ हॉस्पिटल जा रहे थे।

मार बेसेलियस कॉलेज ऑफ नर्सिंग की स्टूडेंट हैं आर्द्रा राज

मौके पर मौजूद लोग एम्बुलेंस को फोन कर ही रहे थे कि अंजलि बैजू और नर्सिंग स्टूडेंट आर्द्रा राज ने शख्स को CPR देना शुरू कर दिया। आर्द्रा राज बेंगलुरु के मार बेसेलियस कॉलेज ऑफ नर्सिंग की स्टूडेंट हैं। उन्होंने बताया कि वो अपनी ग्रेजुएशन सेरेमनी में शामिल होने के लिए कॉलेज बस से जा रही थीं, तभी उन्होंने देखा कि कुछ लोग एक बेहोश शख्स को कार से बाहर निकाल रहे हैं।

आर्द्रा ने कहा, "मैं एक प्रोग्राम के लिए अपनी कॉलेज बस में थी। आज हमारी ग्रेजुएशन सेरेमनी थी। हमने देखा कि लोग एक आदमी को कार से बाहर खींच रहे हैं, तभी हमारी बस भी रुक गई। मैं मदद के लिए फौरन नीचे उतर गई।"

एम्बुलेंस आने तक दोनों नर्सें सिनोज को CPR देती रहीं। उन्हें फौरन एलएफ हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उन्हें होश आ गया। अंजलि ने खुशी जताते हुए कहा, "अस्पताल पहुंचने तक उन्हें होश आ गया था। घर लौटने से पहले मैंने उनसे थोड़ी देर बात भी की।"