Khan Sir Firing Case :पटना की अदालत ने खान सर' को सुनाया पूरा फैसला क्या है? खान सर को मिली राहत... लेकिन फायरिंग केस में छुपा बड़ा राज क्या है? खान सर बच गए या कहानी में अभी बाकी है बड़ा ट्विस्ट? नो कोर्सिव एक्शन का आदेश... क्या खत्म हुआ खान सर का संकट?
Khan Global Studies Center Controversy: बिहार की एक अदालत ने शनिवार को मशहूर टीचर फैसल खान, जिन्हें लोग 'खान सर' के नाम से जानते हैं, को एक बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने 'नो कोर्सिव एक्शन' के आदेश को बरकरार रखा है। इसका मतलब है कि पुलिस कोचिंग इंस्टीट्यूट फायरिंग मामले में अगली सुनवाई तक खान सर के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई नहीं कर सकती है।

जानिए क्या है बिहार के खान सर का केस?
इससे पहले, पटना पुलिस ने 2 जून को खान सर के कोचिंग इंस्टीट्यूट के बाहर हुई फायरिंग और तोड़फोड़ की घटना के सिलसिले में फैसल खान और दो अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। यह FIR उस घटना के कुछ दिनों बाद दर्ज की गई, जब कुछ लोगों के एक समूह ने 'खान ग्लोबल स्टडीज' इंस्टीट्यूट में तोड़फोड़ की और परिसर में पत्थर फेंके थे।
पुलिस ने खान सर केस में क्या क्या किया?
- अधिकारियों ने आज बताया कि वीडियो सबूतों के आधार पर इंस्टीट्यूट से जुड़े दो गार्ड्स को गिरफ्तार किया गया है। पटना के सिटी एसपी (सेंट्रल) के ऑफिस से जारी एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह घटना 2 जून की रात करीब 10:10 बजे हुई थी। कुछ लोगों ने 'खान ग्लोबल स्टडीज' कोचिंग सेंटर पर पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की थी।
- पुलिस के बयान में कहा गया, "घटना के बाद, केस नंबर 410/26 दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, एक वीडियो मिला जिसमें दो लोग तोड़फोड़ के बाद हवाई फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे थे।
हथियारों के साथ पकड़े गए थे दो गार्ड्स
- वीडियो फुटेज की जांच के बाद, पुलिस ने इंस्टीट्यूट से जुड़े दो गार्ड्स की पहचान की और उन्हें हिरासत में ले लिया। घटना के क्रम की जांच और हथियारों की बरामदगी के आधार पर, पुलिस ने खान सर और दो अन्य लोगों का नाम FIR में उकसाने और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत जोड़ा।
- बाद में, इस घटना को देखते हुए पटना पुलिस ने छात्र समुदाय से भी एक अपील जारी की। पुलिस ने छात्रों से आग्रह किया कि वे विभिन्न कोचिंग सेंटरों के बीच चल रही पेशेवर दुश्मनी या प्रतिस्पर्धा से प्रभावित न हों।
- बयान में जोर देकर कहा गया, "सभी छात्रों से अनुरोध है कि वे कोचिंग सेंटर की प्रतिस्पर्धा के बीच किसी के बहकावे में न आएं। क्राइम कंट्रोल और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।" (ANI)


