Datia by-election result : बीजेपी को दतिया और बांकीपर में मिली हार के बाद मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कुछ ऐसा कह दिया है कि इसकी चर्चा भोपाल से लेकर दिल्ली और पटना तक हो रही है।

बिहार में बांकीपुर विधानसभा सीट और मध्य प्रदेश में दतिया सीट पर हुई बीजेपी की हार के बाद कई सवाल खड़े होने लगे हैं। पीएम मोदी से लेकर अमित शाह और दोनों ही राज्यों के मुख्यमंत्री ने शायद ही सोचा होगा कि उनकी पार्टी को इतनी बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि दोनों ही राज्यों में लंबे समय से उनकी सरकार भी है। अब विपक्ष तो ठीक अब भाजपा के नेता ही पार्टी के खिलाफ बयान आने लगे हैं। बीजेपी की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की चार बार विधायक रहीं यशोधरा राजे सिंधिया ने कुछ ऐसा कह दिया है कि जिसकी चर्चा हर तरफ होने लगी है।

सिर्फ एक शब्द की चर्चा दिल्ली से पटना तक

यशोधरा राजे ने दतिया और बांकीपुर में मिली बीजेपी को करारी हार के बाद एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा-"आत्म-मंथन का समय है." हालांकि इसके अलावा उन्होंने कुछ नहीं लिखा है कि यह उन्होंने किस संदर्भ और किसके लिए कहा है। लेकिन राजनीतिक जानकारों ने इसका अलग ही मतलब निकाला है। क्योंकि इस कमेंट्स का समय ही कुछ ऐसा है। जिसकी चर्चा भोपाल से लेकर दिल्ली और पटना तक हो रही है।

कौन हैं यशोधरा राजे सिंधिया?

यशोधरा राजे माधव राजे सिंधिया की बहन और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ हैं। जिनकी गिनती मध्य प्रदेश के सबसे सीनियर नेताओं में होती है। वह शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुकी हैं। लंदन में पढ़ाई होने के बाद यशोधरा राजे ने मुंबई और ग्वालियर से एजुकेशन पूरी की है। वह 1998 में पहली बार शिवपुरी विधानसभा से बीजेपी विधायक बनी थीं। बाद वह यहां से कई बार सासंद और विधायक का चुनाव जीतीं।

अमेरिका तक हुई थी इनकी लव स्टोरी की चर्चा

बता दें कि यशोधरा राजे अपनी लग्जरी लाइफ के लिए जानी जाती हैं। उनकी लव स्टोरी भी चर्चा का विषय रही है।बताया जाता है कि उन्हें मुंबई के डॉक्टर किरीटालाल के बेटे सिद्धार्थ भंसाली से प्यार हो गया था। एक दिन माधवर राव ने उनको एक कैफे में साथ में चाय पीथे देखा तो उन्हें विमान से ग्वालियर भिजवा दिया। लेकिन वह फिर भी सिद्धार्थ के साथ शादी करने की जिद कर बैठीं। आखिर में यशोधरा ने सिद्धार्थ से शादी कर ली और अमेरिका शिफ्ट हो गईं। हालांकि कुछ समय बाद उनका तलाक हो गया और वापस ग्वालियर लौट आईं। इसके बाद मध्य प्रदेश की राजनीत में कदम रखा और सियासत की बड़ी नेता बन गईं।