Pankaja Munde News : एक तरफ बीजेपी को दतिया और बांकीपुर सीट हारने के बाद सदमें है। दूसरी तरफ महाराष्ट्र में मंत्री पंकजा मुंडे को कांग्रेस पार्टी ने उनके साथ आने पर मुख्यमंत्री बनाने का ऑफर दिया है।

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट और मध्य प्रदेश की दतिया सीट मिली हार के के बाद बीजेपी को सबसे बड़ा झटका मिला है। भाजपा को यह हार ऐसे समय मिली है, जब कुछ दिन पहले ही देश के हजारों युवा मोदी सरकार के विरोध में सड़क से संसद तक उतरे थे। अब ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या अब लोगों का भारतीय जनता पार्टी से विश्वास उठने लगा है। इसी बीच महाराष्ट्र की सिसायत चर्चा में आ गई है। देवेंद्र फणडवीस सरकार में पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे को कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री बनाने का ऑफर दिया है।

‘’महाराष्ट्र की पहली महिला OBC सीएम बनें पंकजा''

  • दरअसल, महाराष्ट्र में कांग्रेस के सीनियर नेता विजय वडेट्टीवार ने मीडिया के सामने खुले मंच से साफ साफ कहा कि अगर पंकजा मुंडे भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देते हैं तो कांग्रेस उनको महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री बनाएगी। विजय ने कहा-पंकजा ताई एक अनुभवी और महाराष्ट्र की ओबीसी नेता हैं। आप हमारे साथ आए और पिछडों की अगुवाई करें। कांग्रेस में आकर वो महाराष्ट्र की पहली महिला ओबीसी सीएम बनें। मैं अपने कांग्रेस के आलाकमान नेताओं से उन्हें सीएम बनाने की बात करता हूं।
  • हालांकि अभी तक किसी भी बीजेपी नेता या खुद पंकजा मुंडे का इस बयान के बाद कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हां हाल ही में दिए बयान के बाद यह तो पता है कि पंकजा की भाजपा से नारजगी है।

राजनीति से संन्यास लेन चाहती हैं पकंजा मुंडे?

  • बता दें कि मंत्री पंकजा मुंडे 1 अगस्त को महाराष्ट्र के परली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए यह राजनीति से दूर होने की बात कही थी। उन्होंने कहा वह कभी-कभी सियासत से संस्यास के बारे में सोचती हैं। क्योंकि उन्हें राजनीति से थकान महसूस होती है। लेकिन लोगों का उत्साह और जनता का प्यार उनमें नई ऊर्जा भर देता है।
  • वहीं पकंजा मुंडे ने कहा कि मैंने 24 साल की उम्र में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। उस वक्त मैं सियासत को ज्यादा जानती नहीं थी। लेकिन अब मैं 48 साल की हूं। पिछले 24 सालों से मैं इसी सड़क पर यात्रा कर रही हूं। वही लोग और वही माहौल देख रही हूं। बदलाव कैसे लाया जाए? मुझे थकान महसूस हुई और मैंने संन्यास लेने की बात भी सोची। लेकिन आप लोगों का प्यार राजनीति छोड़ने नहीं देता है।