Mandla Tribal Hostel News: मध्य प्रदेश के मंडला जिले के एक आदिवासी हॉस्टल में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 300 रुपये की चोरी के शक में सीनियर छात्रों ने छठी क्लास के तीन बच्चों को खौफनाक सजा दी।

Madhya Pradesh Hostel News: मध्य प्रदेश के मंडला जिले के एक आदिवासी छात्रावास में छठी कक्षा के तीन छात्रों के साथ कथित तौर पर बेहद क्रूर तरीके से मारपीट और सजा देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 300 रुपये चोरी करने के शक में सीनियर छात्रों ने बच्चों को पहले बेल्ट से पीटा और बाद में उनके हाथों पर जलते हुए अंगारे रख दिए। घटना के सामने आने के बाद आदिवासी कल्याण विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

चोरी के शक में जुटे छात्र, फिर दी खौफनाक सजा

अधिकारियों के मुताबिक, घटना सोमवार आधी रात के बाद पाठा सिहोरा स्थित सीनियर और जूनियर बॉयज हॉस्टल में हुई। जूनियर हॉस्टल के कुछ छात्रों ने पैसे चोरी होने की शिकायत की थी। इसके बाद कथित तौर पर चोरी करने वाले छात्र का पता लगाने के लिए सीनियर हॉस्टल के कुछ छात्रों समेत कई बच्चे एक जगह इकट्ठा हुए।

मंडला के आदिवासी कल्याण विभाग के सहायक निदेशक अरुण शुक्ला के मुताबिक, छात्रों ने गाय के गोबर से बने कंडे को जलाया और अंधविश्वास के चलते उसे कुछ बच्चों की हथेलियों पर रख दिया। कथित तौर पर उनका मानना था कि चोरी करने वाले बच्चे का हाथ जल जाएगा, जबकि निर्दोष बच्चों को नुकसान नहीं होगा।

तीन बच्चों की हथेलियां जलीं

इस घटना में छठी कक्षा के तीन छात्रों की हथेलियां झुलस गईं। अधिकारियों के अनुसार, छात्रों के बीच मारपीट की भी जानकारी सामने आई है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि बच्चों के साथ मारपीट किस तरह हुई और घटना में कौन-कौन छात्र शामिल थे।

घटना की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि हॉस्टल प्रशासन ने कथित तौर पर कई दिनों तक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी।

घटना के कई दिन बाद अधिकारियों को मिली जानकारी

मामला शुक्रवार को आदिवासी कल्याण विभाग के संज्ञान में आया। इसके बाद विभाग ने सीनियर और जूनियर दोनों हॉस्टल के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है।

सहायक निदेशक अरुण शुक्ला ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग यह भी जांच रहा है कि घटना वाली रात हॉस्टल में निगरानी की व्यवस्था कैसी थी और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी देने में इतनी देरी क्यों हुई।

हॉस्टल की निगरानी व्यवस्था भी जांच के दायरे में

जांच कमेटी छात्रों के आरोपों, उनके हाथों में लगी चोटों, कथित मारपीट और घटना में शामिल छात्रों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। इसके अलावा हॉस्टल में रात के समय निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों के सामने यह सवाल भी है कि छात्रावास में इतनी गंभीर घटना होने के बावजूद इसकी सूचना विभाग तक तत्काल क्यों नहीं पहुंची। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।