Kolkata Stampede के बाद कोलकाता और साल्ट लेक के कई बड़े दुर्गा पूजा पंडालों में प्रवेश अस्थायी रूप से रोका गया। जानें किन पंडालों पर असर पड़ा, प्रशासन ने क्या निर्देश दिए और रविवार की समीक्षा बैठक में क्या तय होगा।
Kolkata Stampede Update: कोलकाता के चोरबगान पंडाल में हुए भीषण हादसे के बाद राज्य सरकार और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कोलकाता और बिधाननगर (साल्ट लेक) के कई बड़े और लोकप्रिय दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के प्रवेश को अस्थायी रूप से रोकने का सख्त आदेश दिया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और किसी भी अनहोनी को टालना है।
Kolkata Pandal Restrictions: किन बड़े पूजा पंडालों में लगाई गई पाबंदी?
- प्रमुख पंडालों में नो एंट्री: अधिकारियों के मुताबिक, ताला प्रत्यय, अलीपुर सार्वजनीन, चेतला अग्रानी और बालीगंज सार्वजनीन जैसे बड़े पूजा आयोजनों में लोगों की एंट्री पर रोक लगाई गई है।
- संतोष मित्रा स्क्वायर का फैसला: संतोष मित्रा स्क्वायर पूजा समिति ने भी खुद ही भीड़ से बचने के लिए अंदर आने वाले लोगों की संख्या बेहद सीमित कर दी है। समिति अध्यक्ष सजल घोष ने कहा कि हर किसी को एक साथ अंदर नहीं जाने दिया जा सकता।
- एलन पार्क का कार्यक्रम रद्द: भीड़ के अत्यधिक दबाव को देखते हुए एलन पार्क में होने वाले सांस्कृतिक व अन्य कार्यक्रमों को भी रद्द कर दिया गया है।
- साल्ट लेक में भी सख्ती: कोलकाता से सटे साल्ट लेक इलाके में भी प्रशासन ने पूजा कमेटियों को निर्देश दिए हैं कि भीड़ बढ़ने पर तुरंत प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएं।
Review Meeting and Official Stance: प्रशासनिक समीक्षा और वीवीआईपी प्रतिक्रिया
- स्थिति की समीक्षा: पुलिस और राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी आज रविवार को एक उच्च स्तरीय बैठक कर रहे हैं, जिसमें यह तय होगा कि ये पाबंदियां आगे जारी रखी जाएं या नहीं।
- 3500 पंडालों में सुरक्षा: पूरे शहर में लगभग 3,500 दुर्गा पूजा पंडाल सजे हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
- राष्ट्रपति और पीएम का शोक: इस बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।








