कुवैत में एक बड़े नागरिकता घोटाले का खुलासा हुआ है। 1965 में नागरिक बने एक व्यक्ति की फाइल में अवैध रूप से जोड़े गए 978 लोगों की नागरिकता रद्द कर दी गई है। इस धोखाधड़ी का पता डीएनए जांच के जरिए चला।

कुवैत सिटी: कुवैत के इतिहास के सबसे बड़े नागरिकता घोटालों में से एक का खुलासा नेशनलिटी इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने किया है। अधिकारियों ने 1965 में नागरिकता पाने वाले एक व्यक्ति की फाइल में गैर-कानूनी तरीके से जोड़े गए 978 लोगों की नागरिकता रद्द कर दी है। जांच उस व्यक्ति की फाइल पर की गई, जो 1930 के दशक में पैदा हुआ था और 1965 में कुवैती नागरिक बना था। कुछ साल पहले उसकी मौत हो गई थी। आधिकारिक तौर पर उसकी छह पत्नियाँ और 44 बच्चे थे।

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इस मामले में मृतक व्यक्ति का डीएनए सैंपल एक अहम सुराग बना, जिसे पहले किसी आधिकारिक काम के लिए लिया गया था। जब इस सैंपल का इस्तेमाल बच्चों के दावों की जांच के लिए किया गया, तो बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का पता चला। यह साबित हो गया कि 44 में से कई बच्चे उसके असली बच्चे नहीं थे। इसके साथ ही, उनके बच्चों और पोते-पोतियों समेत करीब 978 लोगों की नागरिकता खत्म हो गई। पांच लोग (चार महिलाएं और एक पुरुष) डीएनए टेस्ट से बचने के लिए फरार हो गए हैं। सुप्रीम नेशनलिटी कमेटी ने फैसला किया है कि अगर वे पेश नहीं हुए तो उनकी नागरिकता सीधे रद्द कर दी जाएगी।

अधिकारियों ने साफ किया है कि भले ही उसकी फाइल का इस्तेमाल इतनी बड़ी धोखाधड़ी के लिए किया गया, लेकिन यह साबित नहीं हो पाया है कि असली नागरिक इसमें सीधे तौर पर शामिल था। यह कार्रवाई कुवैत में गैर-कानूनी तरीके से नागरिकता हासिल करने वालों का पता लगाने के लिए सरकार की तरफ से चलाए जा रहे सख्त अभियान का हिस्सा है।