Madhya Pradesh Highway Project : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले से मध्य प्रदेश के कौन कौन से जिलों की तस्वीर बदलने वाली है? 4,415 करोड़ की मंजूरी के पीछे क्या है बड़ा प्लान? लेकिन असली फायदा किसे होगा?
नई दिल्ली/ भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को मध्य प्रदेश के लिए एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने नेशनल हाईवे-347B के 233 किलोमीटर से ज्यादा लंबे हिस्से को अपग्रेड करने के लिए 4,415.60 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर पूरा किया जाएगा।

दो फेस में बनकर तैयार होगा यह कॉरिडोर
- इस प्रोजेक्ट के तहत दो हिस्सों में काम होगा। पहला, NH-347B के हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधि सेक्शन के 125.01 किलोमीटर हिस्से को टू-लेन और पक्के शोल्डर के साथ अपग्रेड किया जाएगा। दूसरा, देशगांव-जुलवानिया सेक्शन के 108.643 किलोमीटर हिस्से को मौजूदा टू-लेन से फोर-लेन का बनाया जाएगा।
- कैबिनेट समिति के मुताबिक, इस अपग्रेडेशन से बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिलों में सड़क की बनावट से जुड़ी गंभीर खामियां, खतरनाक मोड़ और आबादी वाले इलाकों में लगने वाला जाम खत्म होगा। प्रोजेक्ट के तहत खरगोन जिले के लिए 16.20 किलोमीटर लंबा एक नया ग्रीनफील्ड बाईपास भी बनाया जाएगा।
मोदी सरकार के इस फैसले से एमपी को क्या फायदा
- इस प्रोजेक्ट से गाड़ियों की औसत रफ्तार बढ़ेगी, सफर में लगने वाला समय घटेगा और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी।
- , ईंधन की बचत और गाड़ियों के रखरखाव का खर्च भी कम होगा, जिससे इलाके में आवाजाही आसान होगी।
- यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के अहम आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स सेंटरों को सीधी कनेक्टिविटी देगा।
- यह अपग्रेडेड कॉरिडोर पीएम गति-शक्ति के 6 इकोनॉमिक नोड्स (1 टेक्सटाइल क्लस्टर, 2 मेगा फूड पार्क, 1 इंडस्ट्रियल पार्क, 2 सुपर थर्मल पावर प्लांट), 5 सोशल नोड्स (2 आकांक्षी जिले- खंडवा और बड़वानी, 3 आदिवासी जिले- बैतूल, खंडवा, खरगोन) और 5 लॉजिस्टिक्स नोड्स (2 बड़े रेलवे स्टेशन, 2 एयरपोर्ट, 1 MMLP) से जुड़ेगा। इससे पूरे क्षेत्र में सामान और यात्रियों की आवाजाही तेज हो जाएगी।
बैतलू-खंडवा के लिए वरदान साबित होगा यह प्रोजेक्ट
- बैतूल-खंडवा-वडोदरा कॉरिडोर पर कुल 233.653 किलोमीटर लंबा यह प्रोजेक्ट राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के मकसद से तैयार किया गया है।
- प्रोजेक्ट की कुल लागत 4,415.60 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें 2,705.08 करोड़ रुपये सिविल कंस्ट्रक्शन पर और 432.77 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे। ट्रैफिक को सुचारू बनाने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचाने के लिए, प्रोजेक्ट में हिवरखेड़ी सेक्शन के लिए 70.39 किलोमीटर और देशगांव-जुलवानिया सेक्शन के लिए 54.273 किलोमीटर के बाईपास भी शामिल हैं।
- यह हाईवे रणनीतिक रूप से बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। यह कई दूसरे अहम नेशनल हाईवे जैसे NH-47, NH-753, NH-347BG, और NH-52 के साथ-साथ स्टेट हाईवे SH-15 से भी जुड़ेगा। इस बेहतर नेटवर्क से इंदौर और नागपुर एयरपोर्ट के साथ-साथ बैतूल और खंडवा रेलवे स्टेशनों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।


