Donald Trump पाकिस्तान पर इजरायल को मान्यता देने का दबाव क्यों बना रहे हैं? आखिर क्या है Abraham Accords, जिस पर पाकिस्तान ने विरोध जताया है?Lashkar-e-Taiba के डिप्टी चीफ सैफुल्ला कसूरी ने पाकिस्तान सरकार को क्या धमकी दी? होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से दुनिया में तेल संकट का खतरा क्यों बढ़ गया है?

नई दिल्ली. ईरान पर इजरायल और अमेरिका के कथित हमले ने दुनिया भर में तनाव बढ़ा दिया है। पश्चिम एशिया में शुरू हुआ ये संघर्ष अब खाड़ी देशों तक पहुंच गया है, जिससे पूरी दुनिया में संकट गहरा गया है। अमेरिका के समर्थन से इजरायल का हमला अब खाड़ी तक फैल गया है। जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जिससे दुनिया भर में तेल का संकट पैदा हो गया है। इस बीच, पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी शुरू हुई। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान से भी इजरायल के साथ समझौता करने को कहा है, जिससे पाकिस्तान बड़ी मुश्किल में फंस गया है।

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ट्रंप का पाकिस्तान पर समझौते के लिए दबाव

ट्रंप चाहते हैं कि पाकिस्तान इजरायल के साथ अब्राहम अकॉर्ड पर साइन करे। यह वही समझौता है जिस पर यूएई और बहरीन जैसे देश पहले ही साइन कर चुके हैं। सऊदी अरब, कतर और तुर्की भी इस पर साइन कर सकते हैं, ऐसी अफवाहें हैं। यह समझौता इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता देता है और उसके साथ व्यापार को बढ़ावा देता है। जब से इजरायल ने सुन्नी-बहुल फिलिस्तीन पर हमला शुरू किया, तब से खाड़ी देशों के रिश्ते इजरायल के साथ अच्छे नहीं रहे हैं। लेकिन अब इजरायल अमेरिका की मदद से इस स्थिति को बदलना चाहता है और खाड़ी देशों के साथ व्यापारिक संबंध बनाना चाहता है। अब्राहम अकॉर्ड इसी कोशिश का हिस्सा है। पाकिस्तान शुरू से ही इस समझौते का विरोध करता रहा है। लेकिन अब नए राजनीतिक हालात में ट्रंप ने पाकिस्तान पर इस समझौते में शामिल होने का दबाव बनाया है। हालांकि, पाकिस्तान ने इस संभावना को खारिज कर दिया है। इसी बीच, लश्कर के आतंकी सैफुल्ला कसूरी ने धमकी दी है कि अगर अब्राहम अकॉर्ड पर साइन किया या इजरायल को मान्यता दी, तो वह जान से मार देगा।

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बढ़ती धमकी

लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ सैफुल्ला कसूरी ने खुलेआम धमकी दी है कि अगर पाकिस्तान ने इजरायल को मान्यता दी या अब्राहम अकॉर्ड में शामिल हुआ, तो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर को मार दिया जाएगा। ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कसूरी ने कहा कि इजरायल का समर्थन करने वाले किसी भी पाकिस्तानी नेता या सैन्य अधिकारी को "मारकर तबाह कर दिया जाएगा।" कसूरी ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि पाकिस्तान की सैन्य क्षमता इजरायल के बराबर है। जब वह मस्जिद में लोगों से बात कर रहा था, तो उसके बॉडीगार्ड्स को अपनी पैजामे की जेब में बंदूक रखे हुए भी देखा जा सकता है। उधर, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी इजरायल को मान्यता देने की किसी भी कोशिश को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र नहीं बन जाता, तब तक पाकिस्तान इजरायल के साथ कोई संबंध नहीं बनाएगा। ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि इजरायल के साथ कोई भी समझौता पाकिस्तान की वैचारिक स्थिति के खिलाफ होगा।