लोहगढ़ किले की ट्रेकिंग रोमांचक है, लेकिन कुछ गलतियां हादसे का कारण बन सकती हैं। जानिए 5 बड़ी सावधानियां जो आपकी यात्रा को सुरक्षित बनाएंगी।

Lohagad Fort Trekking Guide: अगर आप एडवेंचर और ट्रेकिंग के शौकीन हैं, तो महाराष्ट्र का ऐतिहासिक लोहगढ़ किला आपके लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ी रास्ते और ऐतिहासिक महत्व हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों और ट्रेकर्स को आकर्षित करते हैं। मुंबई से लोहगढ़ किला लगभग 104 किलोमीटर दूर है, जबकि पुणे से इसकी दूरी करीब 70 किलोमीटर है। किले तक पहुंचने के लिए ट्रेकिंग करनी पड़ती है, जो रोमांचक होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण भी हो सकती है।

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यात्रा के दौरान सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इसलिए मजबूत ग्रिप वाले जूते, धूप का चश्मा और सनस्क्रीन जैसी जरूरी चीजें अपने साथ जरूर रखें। ट्रेकिंग के दौरान बदलते मौसम और रास्तों की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं लोहगढ़ किले में घूमते समय की जाने वाली 5 ऐसी गलतियों के बारे में, जो गंभीर हादसे का कारण बन सकती हैं।

1. खतरनाक किनारों पर सेल्फी लेना पड़ सकता है भारी

आजकल खूबसूरत तस्वीरों और सेल्फी का क्रेज काफी बढ़ गया है। लेकिन लोहगढ़ किले के ऊंचे, संकरे और फिसलन भरे किनारों पर जाकर फोटो खिंचवाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। किले की प्राचीरों, चट्टानों या गहरी ढलानों के किनारे खड़े होकर तस्वीर लेने के दौरान संतुलन बिगड़ सकता है। एक छोटी सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए सेल्फी लेते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

2. अकेले या बिना गाइड के ट्रेकिंग करने से बचें

कई लोग रोमांच के लिए तय रास्तों को छोड़कर दूसरे मार्गों पर निकल जाते हैं। हालांकि ऐसा करना जोखिम भरा हो सकता है। अगर आप पहली बार लोहगढ़ जा रहे हैं, तो निर्धारित ट्रेकिंग रूट का ही इस्तेमाल करें। सुनसान इलाकों या कम इस्तेमाल होने वाले रास्तों पर अकेले जाने से बचें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय गाइड की मदद लें।

3. मानसून में फिसलन को हल्के में न लें

बारिश के मौसम में लोहगढ़ किला बेहद खूबसूरत दिखाई देता है, लेकिन इसी समय सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है। मानसून के दौरान पत्थरों और सीढ़ियों पर काई जम जाती है, जिससे रास्ते काफी फिसलन भरे हो जाते हैं। ऐसे में सामान्य जूते पहनकर ट्रेकिंग करना खतरनाक हो सकता है। हमेशा अच्छी ग्रिप वाले मजबूत ट्रेकिंग शूज पहनें ताकि फिसलने की संभावना कम हो सके।

4. रात के समय किले में रुकना या घूमना हो सकता है जोखिम भरा

लोहगढ़ किले का क्षेत्र रात में काफी अंधेरा हो जाता है। अंधेरे में रास्ते, सुरक्षा दीवारें, ढलान और खाइयां साफ दिखाई नहीं देतीं। ऐसी स्थिति में रास्ता भटकने या दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए कोशिश करें कि अंधेरा होने से पहले ही ट्रेक पूरा कर लें और सुरक्षित स्थान पर लौट आएं।

5. खाइयों और असुरक्षित जगहों के पास लापरवाही न करें

किले के आसपास कई जगह गहरी खाइयां और ऊंची ढलानें मौजूद हैं। इन स्थानों पर दौड़ना, मजाक करना या एक-दूसरे को धक्का देना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आप दोस्तों के साथ समूह में घूम रहे हैं, तो विशेष सावधानी बरतें। किसी भी असुरक्षित स्थान के पास अनावश्यक जोखिम लेने से बचें।

लोहगढ़ ट्रेकिंग के दौरान क्या-क्या साथ रखें?

लोहगढ़ किले की यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए कुछ जरूरी सामान साथ रखना फायदेमंद रहेगा।

  • मजबूत ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज
  • सनस्क्रीन
  • धूप का चश्मा
  • पानी की बोतल
  • रेनकोट या विंडचीटर (मानसून में)
  • फर्स्ट एड किट
  • टॉर्च (आपात स्थिति के लिए)

सुरक्षित ट्रेकिंग ही बनाती है यात्रा को यादगार

लोहगढ़ किला अपनी ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां की ट्रेकिंग आपको शानदार अनुभव दे सकती है, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन करना उतना ही जरूरी है। यदि आप सतर्कता बरतते हैं, तय रास्तों पर चलते हैं और अनावश्यक जोखिम लेने से बचते हैं, तो लोहगढ़ की यात्रा न सिर्फ रोमांचक बल्कि सुरक्षित और यादगार भी साबित होगी।