उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आई भीषण बाढ़ से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गोमती नदी के रौद्र रूप से 40,000 घरों में पानी घुसने से 3 लाख लोग प्रभावित हैं। करीब 10,000 लोगों को घर छोड़ना पड़ा है और गोमती रिवरफ्रंट बंद कर दिया गया है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): लखनऊ में आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी है। गोमती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिसका पानी राजधानी के 40 हजार घरों में घुस गयाक है। आलम यह है कि करीब 10 हजार लोग अपने घरों को छोड़कर जाना पड़ा है। लखनऊ की गलियों में नावें चल रही हैं। वहीं जिला प्रशासन ने शनिवार को गोमती रिवरफ्रंट को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया है। नदी के दोनों किनारों पर बने रास्तों और बाकी हिस्सों में पानी ही पानी नजर आ रहा है।
11 जिलों की 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से जबकि लखनऊ और उत्तर प्रदेश में बारिश नहीं हुई है। इसके बाद भी शहर से लेकर गांव तक जलमग्न हो गए हैं। क्योंकि पड़ोसी राज्य बिहार और पहाड़ों के साथ साथ बांधों से छोड़े गए पानी के कारण यूपी के 11 जिलों की 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। इसी कारण गोमती पूरी तरह भर चुकी है और उसका पानी लखनऊ में भर रहा है। बाढ़ के हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।

40 हजार घरों में 4-5 फीट तक पानी भरा
लखनऊ की कई कॉलोनियों में पानी घुस चुका है। फैजुल्लागंज इलाके के 40 हजार घरों में 4-5 फीट तक पानी भर गया है, जिसके चलते 3 लाख लोग प्रभावित हैं। यहां आलम यह है कि हजारों लोगों ने घर छोड़ दिया है। सड़कों पर प्रशासन को नाव चलानी पड़ रही है। वहीं गोमती रिवर फ्रंट के किनारे स्थित हनुमंत धाम, लेटे हुए हनुमान मंदिर और चंद्रिका देवी मंदिर पूरी तरह डूब गए हैं। लखनऊ के अलावा बलिया और गोंडा में भी दर्जनों गांव टापू बन गए हैं।
बारिश नहीं…फिर क्यों यूपी में बाढ़ मचा रही तबाही?
बता दें कि नेपाल, उत्तराखंड, बिहार में हुई तेज बारिश का पानी नदियों के जरिए मैदानी इलाकों में पहुंच रहा है। इसलिए यूपी में बारिश रुकने के बाद भी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में लखनऊ, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, गोंडा और बाराबंकी शामिल हैं। यहां लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।


