Lucknow School Summer Vacation: लखनऊ में भीषण गर्मी और लू के बढ़ते असर को देखते हुए जिला प्रशासन ने 22 मई 2026 से सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया है। 42 डिग्री तापमान के बीच बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया।
लखनऊ में लगातार बढ़ती गर्मी और लू ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मई का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ और तापमान ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है। सबसे ज्यादा चिंता छोटे बच्चों की सेहत को लेकर जताई जा रही थी। इसी बीच जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 22 मई 2026 से सभी बोर्डों के स्कूलों में ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, भीषण गर्मी और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। आदेश सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों पर लागू होगा। प्रशासन ने साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह भी पढ़ें: इन 9 दिन भट्टी में बदलेगा उत्तर भारत! नौतपा को लेकर डराने वाली भविष्यवाणी
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन सख्त
पिछले कई दिनों से राजधानी लखनऊ में तापमान लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा और तेज गर्म हवाओं का असर साफ देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी करते हुए लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी थी। इसके बावजूद कुछ स्कूलों में नियमित कक्षाएं जारी थीं, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही थी।
बच्चों की सेहत को देखते हुए लिया गया फैसला
प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि छोटे बच्चों पर भीषण गर्मी का असर तेजी से पड़ सकता है। लू, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में स्कूलों का संचालन जारी रखना छात्रों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता था। यही वजह है कि जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ग्रीष्मावकाश लागू करने का निर्णय लिया। स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
अभिभावकों को मिली राहत
लखनऊ में गर्मी के बढ़ते असर के बीच यह फैसला अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। कई अभिभावक लगातार स्कूल टाइमिंग बदलने या छुट्टियां घोषित करने की मांग कर रहे थे। डॉक्टरों ने भी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन ने जारी किए जरूरी निर्देश
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि-
- तेज धूप में बाहर निकलने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
- बच्चों को धूप में खेलने न भेजें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- बाहर निकलते समय सिर ढंककर रखें
प्रशासन ने यह भी कहा है कि जारी आदेश की प्रमाणिकता जनपद की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
नौतपा और लू से बढ़ सकती है परेशानी
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। नौतपा की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में तापमान और ऊपर जाने की संभावना है। ऐसे में प्रशासनिक सतर्कता और स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय आने वाले दिनों में और अहम हो जाएंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, मई के आखिरी सप्ताह और जून की शुरुआत में लू का प्रकोप चरम पर रह सकता है। इसलिए बच्चों और बुजुर्गों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
यह भी पढ़ें: गाय की कुर्बानी पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, बंगाल सरकार के नियम सही करार
