महाराष्ट्र के बहादुरपुर में एक दूल्हे ने अपनी शादी में अनोखा तोहफा दिया। उसने गांव के सभी 3,465 निवासियों के लिए 34.6 करोड़ का सामूहिक दुर्घटना बीमा खरीदा। इस पहल के तहत हर ग्रामीण को 1 लाख रुपये का कवर मिला।
बहादुरपुर (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के बहादुरपुर गांव में हुई एक शादी में वो सब कुछ था जो एक ग्रैंड वेडिंग में होता है - फूलों की मालाएं, बैंड-बाजा, संगीत और शानदार दावत। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे गांव को हैरान कर दिया। यहां पारंपरिक तोहफों के बजाय, दूल्हे सिद्धेश्वर पेठकर और उनके परिवार ने गांव के सभी 3,465 निवासियों के लिए 34.6 करोड़ रुपये के एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर का ऐलान कर दिया। यह घटना महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में नांदेड़ से करीब 55 किलोमीटर दूर कंधार तालुका में हुई। दूल्हे के इस कदम की ऑनलाइन जमकर तारीफ हो रही है और लोग उनकी सोच को सलाम कर रहे हैं।
गांव के हर एक शख्स को मिला बीमा कवर
पेठकर परिवार ने स्थानीय ग्राम पंचायत के नाम पर एक ग्रुप एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी। प्रक्रिया को आसान बनाने और यह पक्का करने के लिए कि कोई भी छूट न जाए, परिवार ने गांव की वोटर लिस्ट सीधे बीमा कंपनी को सौंप दी। इसका नतीजा यह हुआ कि गांव के हर योग्य निवासी को बिना किसी कागजी कार्रवाई या भेदभाव के अपने आप 1 लाख रुपये का एक्सीडेंट बीमा कवर मिल गया। यह बीमा पॉलिसी एक साल के लिए वैलिड है। भविष्य में इसे रिन्यू करने पर बाद में चर्चा होने की उम्मीद है। हालांकि, परिवार ने यह बताने से मना कर दिया है कि उन्होंने पॉलिसी के लिए कुल कितना प्रीमियम चुकाया है।
'दान सबसे बड़ा पुण्य है'
सिद्धेश्वर के बड़े भाई अनूप पेठकर ने बताया, “हमारी संस्कृति में दान सबसे बड़ा पुण्य है। हम लोगों की तालियों का इंतजार नहीं कर रहे, बस उनका आशीर्वाद ही काफी है। हम चाहते थे कि हमारी खुशी सिर्फ हमारे घर तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे गांव तक पहुंचे।” उन्होंने आगे कहा, “नांदेड़ के आसपास के गांवों में अक्सर हादसों में मौतें होती हैं। हम चाहते थे कि यह शादी सिर्फ यादें ही नहीं, बल्कि एक सुरक्षा भी छोड़कर जाए।”
परिवार के मुताबिक, यह आइडिया यह देखने के बाद आया कि कैसे अचानक हुए हादसे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से तोड़कर रख देते हैं। इस इलाके के कई गांवों में सांप का काटना, बिजली गिरना और खेती से जुड़े हादसे आम हैं, लेकिन बीमा कवर शायद ही किसी के पास होता है। इसीलिए उन्होंने यह फैसला लिया।
