महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान ज़रूरी कर दिया है। अब उन्हें मराठी पढ़नी, लिखनी और बोलनी आनी चाहिए। इस नियम का पालन न करने वाले ड्राइवरों का लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा।

ठाणे: महाराष्ट्र में अब ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने वालों के लिए मराठी भाषा जानना ज़रूरी हो गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन ड्राइवरों को मराठी पढ़नी, लिखनी और बोलनी नहीं आती, उनका लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा।

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इस बारे में जानकारी देते हुए राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा, 'राज्य में टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी जानना ज़रूरी होने का नियम पहले से है, लेकिन कोई इसका पालन नहीं कर रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए पूरे राज्य में एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। 1 मई से इस नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। जिन लोगों को मराठी नहीं आती, उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।'

स्थानीय भाषा का ज्ञान ज़रूरी

सरनाईक ने अपने बयान में कहा कि रीजनल ऑफिसों में चलाए जाने वाले अभियान के दौरान ड्राइवरों की जांच की जाएगी कि उन्हें मराठी पढ़नी-लिखनी आती है या नहीं। उन्होंने कहा, ‘लाइसेंस देने के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान ज़रूरी होने का नियम है, लेकिन इसका बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है।’

उन्होंने यह भी कहा, ‘अपनी मातृभाषा को महत्व देने के साथ-साथ, जिस राज्य में आप काम करते हैं, वहां की भाषा सीखना और उसका सम्मान करना हर किसी का कर्तव्य है। मराठी की अनिवार्यता सिर्फ ड्राइवरों तक ही सीमित नहीं है।’