Nida Khan Arrested: नासिक TCS महिला कर्मचारी उत्पीड़न और कथित धर्मांतरण मामले में फरार आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और आरोपी को शरण देने वालों की पहचान में जुटी है।

नासिक में चर्चित TCS महिला कर्मचारी उत्पीड़न मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे मामले और कथित नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

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यह मामला महिला कर्मचारियों के कथित यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण के दबाव और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रही थी और अपनी पहचान छिपाकर रह रही थी।

देर रात छापेमारी में गिरफ्तारी

जानकारी के मुताबिक नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कौसर पार्क इलाके में देर रात छापा मारकर निदा खान को हिरासत में लिया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपी बेहद गुप्त तरीके से रह रही थी ताकि किसी को उसके बारे में भनक न लगे। गिरफ्तारी के बाद उसे नासिक लाया गया, जहां उससे पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया जारी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उससे पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

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जिस घर में छिपी थी, वहां क्या होता था?

स्थानीय लोगों के अनुसार जिस मकान में निदा खान छिपी हुई थी, वह घर काफी समय से लगभग खाली पड़ा था। इलाके में बड़ी संख्या में किरायेदार रहते हैं और लोग आमतौर पर एक-दूसरे के निजी मामलों में ज्यादा दखल नहीं देते। पड़ोसियों ने बताया कि घर का दरवाजा अधिकतर समय बंद रहता था। 

केवल एक बुजुर्ग व्यक्ति को कभी-कभी दूध और किराने का सामान लेकर अंदर जाते देखा जाता था। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि अंदर पुलिस को तलाश रही आरोपी रह रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक निदा खान पिछले चार-पांच दिनों से ही उस घर में रह रही थी। जांच एजेंसियों को शक है कि फरारी के दौरान उसे कुछ लोगों की मदद मिल रही थी। अब पुलिस उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने उसे शरण दी।

क्या है पूरा TCS मामला?

मामला टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ से जुड़ी कुछ महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा है। शिकायतों में यौन शोषण, धार्मिक भावनाएं आहत करने, जबरन धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने और मानसिक प्रताड़ना जैसे आरोप शामिल हैं।

इस मामले में अब तक कुल 9 FIR दर्ज की जा चुकी हैं और जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।

आगे हो सकती हैं और गिरफ्तारियां

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि निदा खान की गिरफ्तारी इस मामले में अहम कड़ी साबित हो सकती है। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और अन्य संदिग्ध लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। वहीं इस मामले ने कॉर्पोरेट सेक्टर में महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसे मुद्दों को लेकर नई बहस भी छेड़ दी है।

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