Falta Seat Result : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहली परीक्षा में शानदार नंबरों से पास हो गए हैं। बीजेपी ने फालता विधानसभा चुनाव में  ऐतिहासिक जीत दर्ज कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। क्योंकि ममता बनर्जी के गढ़ में भाजपा के कैंडिडेट देबांग्शु पांडा ने टीएमसी के कद्दवार नेता जहांगीर खान को करारी हार दी है।

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रचंड जीत के बाद एक बार फिर कमल खिला है। फालता सीट पर आए चुनावी रिजल्ट में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को ऐतिहासिक जीत मिली है। उन्होंने 1 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से सीपीएम के प्रत्याशी शंभूनाथ कुर्मी को कराया है। वहीं 15 साल तक सत्ता में रहने वाले टीएमसी पार्टी के कैंडिडेट जहांगीर खान तो चौथे नंबर पर रहे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कौन हैं फालता सीट से जीतने वाले देबांग्शु

देबांग्शु पांडा पश्चिम बंगाल के सबसे संवेदनशील जिले परगना से राजनेता हैं। जो फालता सीट से बीजेपी की तरफ से कैंडिडेट थे। 46 साल के देबांग्शु वैसे तो पेशे से वकालत करते हैं। लेकिन राजनीति के भी पक्के खिलाड़ी हैं। वह टीएमसी से यह सीट छीनने के लिए पिछले पांच साल से मेहनत कर रहे थे। जो तृणमूल कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले फालता में पांडा बीजेपी के प्रमुख चेहरों में से एक बनकर उभरे। उन्होंने कलकत्ता यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ लॉ की डिग्री हासिल की है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास करीब दो करोड़ की संपत्ति है। वहीं उन पर 15 से ज्यादा क्रिमिनल केस दर्ज हैं। वह फालता के दबंग नेता कहे जाते हैं। उन्हें लग्जरी गाड़ियों का शौक है। उनके पास स्कॉर्पियो से लेकर रॉयल एनफील्ड तक है।

75 साल के इतिहास में फालता में जीती बीजेपी

बता दें कि दिलचस्प बात यह है कि फालता में 74 साल के इतिहास में भाजपा ने पहली बार जीत हासिल की है। फालता विधानसभा सीट इससे पहले टीएमसी के पास थी। यह इलाका ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है। इसके बाद भी बीजेपी ने इतने बड़े अंतर से इस सीट से जीतकर बता दिया है कि अब पूरा बंगाल सिर्फ भाजपा का है। इस परिणाम के बाद सीएम सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर बड़ा हमला करते हुए कहा- 'डायमंड हार्बर मॉडल' अब 'तृणमूल का लॉस मॉडल' बन गया है।