Street Food Health Alert : पानीपूरी के पीछे छिपा खतरा! तेलंगाना में खाते ही क्यों बीमार पड़े बच्चे? खुशी-खुशी खाई पानीपूरी, फिर मच गया हड़कंप! आखिर क्या था उसमें? स्ट्रीट फूड का खतरनाक सच? 

राजन्ना सिरसिल्ला: पानी-पूरी (गोलगप्पे) का नाम सुनते या इसे देखते ही मुंह में पानी आ जाता है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग और खासकर महिलाएं इसे बड़े ही चाव से खाती हैं। लेकिन कभी कभी स्ट्रीट फूड जहर भी बन जाता है और सीधे हॉस्पिटल पहुुंचाता है। तेलंगाना के राजन्ना सिरसिल्ला जिले से एक ऐसा ही फूड पॉइजनिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां थंगालपल्ली मंडल में पानीपूरी खाने के बाद करीब 15 बच्चे बीमार पड़ गए, जिन्हें फौरन अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

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थंगालपल्ली पुलिस के मुताबिक, "बच्चों और उनके परिवार वालों ने एक स्ट्रीट वेंडर से पानीपूरी खाई थी, जो कॉलोनी के अंदर बेचने आया था। इसके कुछ ही देर बाद, 15 बच्चों को उल्टियां और दस्त होने लगे। उन्हें तुरंत राजन्ना सिरसिल्ला जिले के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। परिवार वालों की तरफ से अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। सूचना मिलने के बाद हमने पानीपूरी वाले को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।"

मध्य प्रदेश के गुना में 10 बच्चे बीमार

  • इससे पहले, 8 जून को मध्य प्रदेश के गुना में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। अधिकारियों ने बताया कि वार्ड 9 और 10 में कथित तौर पर दूषित पानी पीने से एक दर्जन से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए थे, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
  • इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी थी और बीमारी का कारण पता लगाने के लिए प्रभावित इलाके से पानी के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे थे।

पानीपूरी में सबसे खतरनाक चीज क्या?

  • अस्पातल के डॉक्टर ने बताया कि आज वार्ड 9 और 10 का मामला मेरे ध्यान में आया, जिसमें कुछ बच्चे दूषित पानी की वजह से बीमार हुए और जिला अस्पताल में भर्ती हैं। जानकारी मिलते ही मैंने इलाके से सैंपल लेने के लिए एक टीम भेज दी थी।"
  • ढेमरी के अनुसार, जिस पानी की टंकी से सप्लाई होती है, उससे कम से कम छह वार्डों में पानी जाता है।

पानीपूरी से बीमार पढ़ने के लक्षण

डॉक्टर ने बताया कि बच्चों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और कुछ मामलों में पीलिया जैसे लक्षण दिखे थे। एक डॉक्टर ने एएनआई को बताया, "यह हमारे संज्ञान में आया है कि कुछ बच्चों की हालत अब स्थिर है। कोई भी केस गंभीर नहीं है।" उन्होंने यह भी बताया कि जिला अस्पताल में 5 से 11 साल की उम्र के करीब 10 बच्चे भर्ती हैं। 

बारिश के मौसम में पानीपूरी खाना चाहिए?

एक्सपर्ट और डॉक्टर का मानना है कि मानसून सीजन यानि बारिश के दिनों में नमी के कारण दूषित पानी और चटनी में बैक्टीरिया, फंगस जल्दी पनपते हैं। जिसके कारण फूड पॉइज़निंग, डायरिया, टाइफाइड और पेट के संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए जिनता हो सके इस मौसम में स्ट्रीट फूड से दूरी बनाकर रखना चाहिए। या फिर जिस जगह पर सफाई और सही पानी इस्तेमाल हो वहां पार आप गोलगप्पे खा सकते हैं।