मकर संक्रांति पर प्रतिबंधित चायनीज मांझे ने कई लोगों की जान ले ली। इंदौर, जौनपुर और बीदर में बाइक सवारों की गर्दन कटने से मौत हुई। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नाबालिगों द्वारा मांझे के इस्तेमाल पर माता-पिता को जिम्मेदार ठहराने के निर्देश दिए हैं।

Chinese Manja Deaths in India: मकर संक्रांति पर प्रतिबंधिति चायनीज मांझे ने देशभर में कई लोगों को मौत की नींद सुला दिया। मांझे की तेज धार ने जहां जौनपुर में एक डॉक्टर के गले की हड्डी रेत दी, वहीं कर्नाटक के बीदर में बाइक सवार एक शख्स की गर्दन कटने से मौत हो गई। चायनीज मांझे पर बैन के बावजूद इसकी बिक्री में कमी नहीं आ रही है, जो अपने आप में कई बड़े सवाल खड़े करता है।

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चायनीज मांझा इतना खतरनाक है कि ये मांस और मांसपेशियों को भी काट सकता है। यहां तक कि इससे अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। मकर संक्रांति के मौके पर देशभर में पतंगबाजी के चलते लोग प्रतिबंध के बावजूद इस जानलेवा मांझे का इस्तेमाल करते हैं। जानते हैं किन-किन शहरों में चायनीज मांझे की वजह से लोगों ने जान गंवाई।

1- इंदौर (3 मौतें)

इंदौर में चाइनीज मांझे की वजह से 4 घंटे के भीतर 3 बाइक सवार लड़कों का गला कट गया। एक युवक की जहां अस्पताल में मौत हो गई, वहीं 2 लोगों की सर्जरी करनी पड़ी। पहला हादसा खजराना ब्रिज पर हुआ, जिसमें बाइक से जा रहे 45 साल के रघुबीर धाकड़ की गर्दन चायनीज मांझे से कट गई। बहुत ज्यादा खून निकलने की वजह से उनकी मौत हो गई। इसके अलावा एक नीट स्टूडेंट और एक अन्य की सर्जरी करनी पड़ी।

2- जौनपुर (2 मौतें)

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बुधवार को दो मौतें हुईं। जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल के पास बाइक सवार डॉ. समीर हाशमी की चाइनीज मांझे के चपेट में आने से मौत हो गई। समीर केराकत बाजार में फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में प्रैक्टिस करते थे। समीर के पिता के मुताबिक, वो किसी से मिलने बाइक से सदर अस्पताल जा रहे थे। तभी तेज धार वाले चाइनीज मांझे ने उनकी गर्दन काट दी। सड़क पर गिरते ही उनके गले से खून का फव्वारा छूट पड़ा और उन्हें अपना हेलमेट निकालने तक का मौका नहीं मिला। इसके अलावा जौनपुर में ही चाइनीज मांझे से एक टीचर की गर्दन भी कट गई।

3- बीदर (1 मौत)

कर्नाटक के बीदर में जानलेवा मांझे ने 48 साल के संजूकुमार होसमणि की गर्दन काट दी। होसमणि मकर संक्रांति पर अपनी बेटी को हॉस्टल से लाने मोटरसाइकिल से हुमनाबाद की ओर जा रहे थे, तभी पतंग के मांझे से उसकी गर्दन पर गहरा कट लग गया। होसमणि के गले से बहुत ज्यादा खून बह रहा था,उन्होंने एम्बुलेंस आने से पहले अपनी बेटी को फोन करने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

नाबलिग ने इस्तेमाल किया मांझा तो जेल जाएंगे मां-बाप

चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों और गंभीर खतरों को देखते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने सोमवार को इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देते हुए इस बात पर जोर दिया कि पतंग भले ही बच्चे उड़ाते हैं, लेकिन माता-पिता को उन पर नजर रखनी चाहिए। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की बेंच ने राज्य सरकार को चीनी मांझे पर पूरी तरह से बैन लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर कोई नाबालिग बैन मांझे का इस्तेमाल करके पतंग उड़ाते हुए पाया जाता है, तो उसके अभिभावकों को कानूनी तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।