इंग्लैंड के एक कैफे कर्मचारी ने मैनेजर पर CCTV ऑडियो से गुप्त निगरानी का आरोप लगाया है। इस वजह से काम का माहौल टॉक्सिक हो गया है और स्टाफ को लगता है कि उनकी जासूसी हो रही है। शिकायत करने पर उनकी शिफ्ट भी कम कर दी गईं।
आजकल ज़्यादातर ऑफिसों और दुकानों में CCTV कैमरे लगे होते हैं। लेकिन, हर वक्त निगरानी करने से कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी नहीं बढ़ती, बल्कि वे और परेशान और चिढ़ जाते हैं। ऐसा ही एक किस्सा अब सुर्खियों में है। इंग्लैंड के एक कैफे कर्मचारी ने एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि उसका मैनेजर CCTV ऑडियो के जरिए स्टाफ की बातें छिपकर रिकॉर्ड करता है।

Reddit पर शेयर की गई इस पोस्ट में कर्मचारी ने पूछा है कि क्या कस्टमर्स के सामने इस तरह की निगरानी कानूनी और नैतिक रूप से सही है? उसने बताया कि वर्कप्लेस का माहौल बहुत टॉक्सिक यानी खराब हो गया है और शिफ्ट के दौरान उन्हें हमेशा ऐसा लगता है कि उन पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
कर्मचारी का कहना है कि मैनेजर अक्सर उनकी बातें सुनता है और CCTV के जरिए उनके बर्ताव पर नजर रखता है। वह फुटेज देखने में ही काफी समय बिताता है और छोटी-छोटी बातों पर भी तुरंत टोकता है। पोस्ट में यह भी बताया गया है कि एक बार उसने और उसके एक साथी ने मैनेजमेंट के बारे में कुछ बात की थी, जिसे मैनेजर ने CCTV के जरिए सुन लिया। इसके बाद, उन दोनों की शिफ्ट कम कर दी गईं।
कर्मचारी ने लिखा, "उन्हें लगता है कि स्टाफ की आम बातचीत पर भी नजर रखी जा रही है। यह जगह कैफे कम और एक ऐसी जगह ज्यादा लगती है जहां लगातार जासूसी हो रही हो।"
युवक ने लिखा, "मैनेजर छिपकर हमारी बातें रिकॉर्ड करता है और फिर उन बातों पर गुस्सा होता है। सच कहूं तो मेरे मैनेजर की दिमागी हालत ठीक नहीं लगती। पहले ही दिन उसने मेरा फोन रखने को लेकर मुझ पर चिल्लाया था। उस दिन से ही वह हम पर पैनी नजर रख रहा है। मुझे बाद में पता चला कि कैफे में लगे CCTV में ऑडियो भी रिकॉर्ड होता है। हमें इस बारे में कभी बताया नहीं गया, न ही कोई नोटिस लगा है। ऐसा लगता है जैसे हम पर हर पल नजर रखी जा रही है।"
इस पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट्स किए हैं। लोगों ने सलाह दी है कि अगर वह सिर्फ मैनेजर है, तो कर्मचारी को कैफे के मालिक से शिकायत करनी चाहिए। कई यूजर्स ने इसे प्राइवेसी में दखलअंदाजी बताया और पूछा कि ऐसे माहौल में कोई शांति से काम कैसे कर सकता है।
