मेरठ में ममता का कत्ल, बेटी किडनैप… मुख्य आरोपी कौन, अब तक क्या पता चला?
मेरठ के कापसाड़ गांव में बेटी को अगवा होने से बचाने की कोशिश में मां की हत्या कर दी गई। धारदार हथियार से हमले में घायल सुनीता देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि आरोपी युवती को अगवा कर फरार हो गए। पुलिस ने हत्या और अपहरण का केस दर्ज किया है।

बेटी को बचाने में मां ने दे दी जान, मेरठ में दिल दहला देने वाली वारदात
मां की ममता जब दरिंदगी से टकराती है, तो कहानी सिर्फ अपराध की नहीं रहती, वह समाज के ज़मीर पर भी सवाल खड़े करती है। मेरठ के एक गांव में बेटी को बचाने के लिए मां ने अपनी जान की बाज़ी लगा दी। हमलावर बेटी को अगवा कर ले गए और मां की ममता खून से लथपथ होकर ज़मीन पर गिर पड़ी।
खेत जाते समय हुआ हमला, बेटी को जबरन ले गए आरोपी
यह दर्दनाक घटना मेरठ के कापसाड़ गांव की है। गुरुवार सुबह करीब 50 वर्षीय सुनीता देवी अपनी 20 वर्षीय बेटी के साथ खेत जा रही थीं। तभी नहर के पुल के पास गांव के ही परस राजपूत और सुनील कुमार अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने युवती को जबरन उठाने की कोशिश की।
बेटी को बचाने के लिए मां बनी ढाल, सिर पर किया गया हमला
जब सुनीता देवी ने आरोपियों का विरोध किया और बेटी को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन्हें गालियां दीं और धारदार हथियार से उनके सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुनीता मौके पर ही गिर पड़ीं, जबकि आरोपी युवती को अगवा कर फरार हो गए।
अस्पताल में तोड़ा दम, गांव में मातम
घटना की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सुनीता देवी को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सुनीता अपने पीछे तीन बेटे और दो बेटियों को छोड़ गई हैं। मां की मौत और बेटी के अपहरण से गांव में गहरा शोक और गुस्सा दोनों है।
हत्या और अपहरण का केस दर्ज, आरोपी फरार
मेरठ के एसएसपी विपिन टाडा ने बताया कि मामले में हत्या और अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। युवती की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया है। मुख्य आरोपी परस राजपूत, जो एक स्थानीय डॉक्टर के यहां सहायक के तौर पर काम करता था, अपने साथियों समेत फरार है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

