यूपी और बिहार समेत देश के 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर वोटों की गिनती चल रही है। वोटिंग के वक्त सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी। अब देखना होगा कि कौन किस पर भारी पड़ता है। तो आइए जानते हैं क्या एक एमएलसी सीएम या मिनिस्टर बन सकता है।

राजनीति में अक्सर आपने विधायक (MLA), सांसद (MP) और विधान परिषद सदस्य (MLC) के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या कोई MLC मुख्यमंत्री बन सकता है? क्या उसे मंत्री बनने के लिए विधानसभा का चुनाव लड़ना जरूरी है? इसका जवाब है- हां, MLC भी मुख्यमंत्री और मंत्री बन सकता है। भारतीय संविधान में इसके लिए खास नियम बनाए गए हैं।

क्या MLC बन सकता है मुख्यमंत्री?

  • भारतीय संविधान के मुताबिक, मुख्यमंत्री बनने के लिए विधानसभा का सदस्य होना हर हाल में जरूरी नहीं है। किसी ऐसे व्यक्ति को भी मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जो विधान परिषद का सदस्य हो। यानी जिन राज्यों में विधान परिषद है, वहां MLC के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता खुला है।
  • हालांकि, मुख्यमंत्री को विधानसभा में बहुमत वाली सरकार का नेतृत्व करना होता है। अगर मुख्यमंत्री विधान परिषद का सदस्य है, तो भी उसे विधानसभा में सरकार का बहुमत साबित करना जरूरी है।

मंत्री बनने के लिए क्या है नियम?

  • MLC सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार में मंत्री भी बन सकता है। संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करते हैं और मुख्यमंत्री की सलाह पर अन्य मंत्रियों को नियुक्त किया जाता है।
  • मंत्री बनने के लिए व्यक्ति का विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य होना बेहतर स्थिति है, लेकिन संविधान गैर-विधायक व्यक्ति को भी मंत्री बनने की अनुमति देता है। ऐसे व्यक्ति को छह महीने के भीतर राज्य के विधानमंडल के किसी एक सदन का सदस्य बनना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर उसे मंत्री पद छोड़ना पड़ता है।

कितने समय तक रह सकता है मुख्यमंत्री या मंत्री?

अगर कोई MLC मुख्यमंत्री या मंत्री बनता है, तो वह अपने पद पर तब तक रह सकता है, जब तक उसे संवैधानिक नियमों के मुताबिक पद पर बने रहने का समर्थन हासिल है। मुख्यमंत्री को विधानसभा का विश्वास बनाए रखना होता है। सिर्फ विधान परिषद में सदस्य होने से सरकार चलाने की गारंटी नहीं मिलती।

क्या हर राज्य में बन सकता है MLC मुख्यमंत्री?

  • नहीं, यह व्यवस्था केवल उन राज्यों में लागू हो सकती है जहां विधान परिषद मौजूद है। भारत में सभी राज्यों में विधान परिषद नहीं है। जिन राज्यों में यह सदन है, वहां MLC मुख्यमंत्री या मंत्री बन सकता है, बशर्ते संवैधानिक शर्तें पूरी हों।
  • कुल मिलाकर, MLC होना मुख्यमंत्री या मंत्री बनने में रुकावट नहीं है। सबसे अहम बात यह है कि सरकार को विधानसभा में बहुमत का समर्थन हासिल हो और संविधान के नियमों का पालन किया जाए।