MLC Election Results 2026: चार राज्यों की 28 MLC सीटों पर हुए चुनावों में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला। कर्नाटक में सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस को सभी 4 सीटों पर हार मिली, जहाँ BJP-JD(S) गठबंधन ने जीत दर्ज की। जानिए चुनाव के सभी बड़े अपडेट्स।
MLC Election Results: चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर हुए चुनावों के नतीजे कांग्रेस पार्टी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इन चुनावों में कांग्रेस पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक-चारों ही राज्यों में पार्टी का खाता तक नहीं खुला। सबसे बड़ी फजीहत तो कर्नाटक में हुई है, जहां खुद कांग्रेस सत्ता में है। इस हार ने डीके शिवकुमार के नेतृत्व और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए जानते हैं इन चुनावों के मुख्य घटनाक्रम और नतीजों का पूरा हाल:
Karnataka MLC Election Results: कर्नाटक में कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका
- सभी 4 सीटें हारी सत्ताधारी कांग्रेस: कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद, BJP और JD(S) के गठबंधन ने सभी 4 सीटों पर कब्जा जमा लिया।
- बेंगलुरु शिक्षक सीट पर हार: बेंगलुरु टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के सिटिंग MLC पुट्टन्ना को JD(S) के उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने 908 वोटों से करारी शिकस्त दी।
- खड़गे के गढ़ में भी मात: उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर BJP के शशिल जी. नमोशी जीते। यह सीट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के गृह जिले कलबुर्गी में आती है, जो पार्टी के लिए बड़ा नैतिक झटका है।
- पश्चिम स्नातक सीट: BJP के एसवी संकनूर ने जीत दर्ज की।
- दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट: BJP के केएम सुरेश ने कांग्रेस उम्मीदवार को शिकस्त दी।
बेंगलुरु शिक्षक सीट पर हार कांग्रेस के लिए खास तौर पर अहम है, क्योंकि यह सीट पहले उसके पास थी। वहीं, कलबुर्गी को शामिल करने वाली उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर BJP की जीत ने मुकाबले को और चर्चा में ला दिया। कलबुर्गी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का गृह क्षेत्र है।
BJP-JD(S) की जीत से कांग्रेस पर क्यों उठे सवाल?
कर्नाटक में कांग्रेस 2023 से सत्ता में है। ऐसे में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी का एक भी सीट न जीत पाना उसके संगठन और स्थानीय चुनावी रणनीति के लिए चुनौती है।
- BJP और JD(S) ने सीटों पर तालमेल के साथ चुनाव लड़ा।
- गठबंधन ने चारों सीटों पर जीत हासिल की।
- कांग्रेस अपने मौजूदा प्रतिनिधि की सीट भी नहीं बचा सकी।
- विपक्ष को आगामी चुनावों से पहले सरकार को घेरने का नया मुद्दा मिल गया है।
- हालांकि, इन नतीजों से राज्य सरकार की स्थिरता पर तत्काल कोई खतरा नहीं है।
UP, Bihar & Maharashtra MLC Updates: अन्य तीन राज्यों में क्या रहा हाल?
उत्तर प्रदेश: यूपी की 11 सीटों पर मुख्य मुकाबला BJP और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच रहा। भाजपा ने मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और लखनऊ में जीत दर्ज की, जबकि सपा ने वाराणसी और आगरा शिक्षक सीटों पर बाजी मारी।
बिहार: बिहार में 8 सीटों पर मिलेजुले नतीजे आए। RJD ने पटना शिक्षक सीट जीती, BJP ने तिरहुत और प्रशांत किशोर की 'जन सुराज पार्टी' (JSP) ने दरभंगा में जीत हासिल कर चौंकाया। JSP की इस जीत से कांग्रेस के मौजूदा MLC मदन मोहन झा को हार का सामना करना पड़ा।
महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की 5 सीटों पर महायुति गठबंधन बढ़त बनाए हुए है, जबकि अंतिम परिणामों का अभी इंतजार है।
Why MLC Results Matter: क्यों खास होते हैं विधान परिषद के ये चुनाव?
ये चुनाव आम विधानसभा चुनावों से काफी अलग होते हैं। इनमें सिर्फ पंजीकृत ग्रेजुएट और शिक्षक ही मतदान करते हैं, जहां वोटिंग 'प्रिफरेंशियल' यानी वरीयता क्रम से होती है। स्थानीय समीकरण और पर्सनल कनेक्ट यहां ज्यादा मायने रखता है। भले ही इन नतीजों से कर्नाटक सरकार पर कोई तुरंत खतरा नहीं है, लेकिन 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी-जेडी(S) गठबंधन का हौसला जरूर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कांग्रेस के लिए यह नतीजे एक बड़ी चेतावनी हैं कि उसे अपनी संगठनात्मक कमजोरी पर तुरंत ध्यान देना होगा।
MLC चुनाव में कांग्रेस की हार का क्या मतलब है?
विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों पर आम विधानसभा चुनावों की तरह सभी मतदाता वोट नहीं डालते। यहां पंजीकृत शिक्षक और स्नातक मतदाता मतदान करते हैं। इसलिए स्थानीय संपर्क, उम्मीदवार की छवि और संगठन की सक्रियता नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं। कांग्रेस का खराब प्रदर्शन पार्टी के लिए चिंता का विषय जरूर है, लेकिन इसे पूरे देश में उसके जनसमर्थन का अंतिम पैमाना नहीं माना जा सकता।






