दिव्यांग युवक की सोशल मीडिया पर की गई अपील पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारत-न्यूजीलैंड मैच का टिकट दिलाया। इंदौर स्टेडियम में मैच देखकर युवक ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर यह साबित किया कि वे जनता के बीच क्यों इतने लोकप्रिय हैं। जनता की एक सच्ची अपील पर उनका दिल तुरंत पसीज जाता है। हाल ही में एक दिव्यांग युवक की इच्छा पूरी कर उन्होंने संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल पेश की।

भारत-न्यूजीलैंड मैच देखने की जताई थी इच्छा

दरअसल, एक दिव्यांग युवक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि वह भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंदौर में हो रहे वन-डे मैच को स्टेडियम में बैठकर लाइव देखना चाहता है, लेकिन उसे टिकट नहीं मिल पा रहा है। यह अपील वीडियो के माध्यम से सोशल मीडिया पर साझा की गई थी।

वीडियो देखते ही मुख्यमंत्री ने किया टिकट का इंतजाम

जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस अपील की जानकारी मिली, तो उन्होंने बिना किसी देरी के दिव्यांग युवक के लिए मैच का टिकट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की इस त्वरित पहल से दिव्यांग युवक की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी हो गई।

उज्जैन के अभिषेक सोनी ने की थी भावुक अपील

यह अपील उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील के गांव बमनापानी निवासी दिव्यांग युवक अभिषेक सोनी ने की थी। उन्होंने वीडियो में कहा कि उन्हें क्रिकेट देखने का बहुत शौक है और वे भारत-न्यूजीलैंड मैच को मैदान से लाइव देखना चाहते हैं, लेकिन टिकट न मिलने के कारण वे असमर्थ हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई थी।

टीम इंडिया की जर्सी में स्टेडियम पहुंचे अभिषेक

मुख्यमंत्री की मदद से टिकट मिलने के बाद अभिषेक सोनी टीम इंडिया की जर्सी पहनकर इंदौर स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए अपने टिकट दिखाए और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की वजह से उनका सपना साकार हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले भी पेश की हैं मानवता की मिसालें

मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से डॉ. मोहन यादव कई बार अपनी सादगी और संवेदनशीलता के लिए चर्चा में रहे हैं। वे आम नागरिक की तरह लोगों से मिलते-जुलते नजर आते हैं। कभी बाजार में यूपीआई से आम खरीदते, कभी जनता के साथ चाय पीते, तो कभी सड़क किनारे भुट्टा खरीदते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री आवास उनका निजी नहीं, बल्कि जनता का घर है।