Navratri Garba 2026 : मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि वे सिर्फ सोशल मीडिया रील्स और व्यूज के लिए गरबा आयोजनों में न जाएं। कमेटी का कहना है कि इससे बेवजह विवाद होता है और पूरी कम्युनिटी बदनाम होती है।

भोपाल (मध्य प्रदेश) 6 अक्टूबर: नवरात्रि शुरू होने से ठीक पहले, मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने मुस्लिम युवाओं और छात्रों से एक खास अपील की है। कमेटी ने कहा है कि वे सिर्फ सोशल मीडिया पर रील्स, लाइक्स और व्यूज पाने के लिए गरबा पंडालों में न जाएं। उनका मानना है कि किसी एक व्यक्ति की गलती का खामियाजा पूरे समुदाय को भुगतना पड़ता है। कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीशान रहमान ने साफ किया कि यह अपील खासतौर पर मुस्लिम युवाओं को गरबा आयोजनों से दूर रखने के लिए की गई है, क्योंकि यह उनका धार्मिक त्योहार या कार्यक्रम नहीं है।

एक की गलती पूरे समुदाय को भुगतनी पड़ती है

रहमान ने कहा, "मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने मुस्लिम युवाओं और छात्रों से अपील की है कि वे रील्स और व्यूज के लिए गरबा में न जाएं क्योंकि यह हमारा त्योहार नहीं है। यह हमारा कार्यक्रम नहीं है। इसके पीछे वजह यह है कि समुदाय बदनाम होता है। कोई एक इंसान गलत काम करता है, लेकिन अंजाम पूरी कम्युनिटी को भुगतना पड़ता है।"

मुस्लिम कमेटी ने सरकार को लिखी चिट्ठी

  • कमेटी ने इस मामले में प्रशासन और मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों को चिट्ठी भी लिखी है। उन्होंने मांग की है कि 11 अक्टूबर से पहले उनकी यह अपील सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, तकनीकी और मेडिकल संस्थानों के साथ-साथ हॉस्टलों तक पहुंचा दी जाए।
  • कमेटी ने मुस्लिम युवाओं को सलाह दी है कि वे सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान करें। साथ ही, स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करें और किसी भी तरह के विवाद, टकराव, उकसावे या गलत बयानबाजी से बचें। उन्हें यह भी हिदायत दी गई है कि वे सिर्फ रील्स, लाइक्स और व्यूज के चक्कर में गैर-जरूरी तौर पर धार्मिक आयोजनों में शामिल न हों।
  • रहमान ने इस बात पर जोर दिया कि यह अपील इसलिए की गई है क्योंकि गरबा आयोजनों में जाने को लेकर मुसलमानों को बार-बार राजनीतिक निशाना बनाया जाता है।

क्या मुस्लिम गरबा में 'लव जिहाद' करने जाते

  • रहमान ने आगे कहा, "आपने देखा होगा कि नेता हमेशा इस मुद्दे पर मुसलमानों को टारगेट करते हैं कि वे अपनी पहचान छिपाकर गरबा में जाते हैं। इसीलिए मैंने मुसलमानों और युवाओं से अपील की है कि वे रील्स और व्यूज के लिए किसी भी गरबा आयोजन में न जाएं। इसके पीछे कोई और वजह नहीं है। लोग अपने राजनीतिक फायदे के लिए ऐसे बयान देते हैं और मुसलमानों को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। वे आरोप लगाते हैं कि मुसलमान वहां धार्मिक उन्माद फैलाने या 'लव जिहाद' करने जाते हैं।"
  • अपनी स्थिति साफ करते हुए कमेटी ने कहा कि यह अपील किसी धर्म या गरबा उत्सव के खिलाफ नहीं है। इसका मकसद सिर्फ युवाओं में जिम्मेदारी का अहसास जगाना, धार्मिक मर्यादा बनाए रखना, कानून का पालन करना और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना है।