Bengaluru Lalbagh Protest: बेंगलुरु साउथ के सांसद तेजस्वी सूर्या शहर में पोस्ट लेकर सड़क पर उतरे हैं। वह लोगों को पर्चे बांट रहे हैं। उनका यह पूरा मामला लालबाग की 5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को लेकर है।

बेंगलुरु (कर्नाटक): बेंगलुरु साउथ से सांसद तेजस्वी सूर्या ने रविवार को लालबाग में एक बड़े विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की। उन्होंने 'लालबाग बिकाऊ है' टैगलाइन वाले पोस्टर और पर्चे बांटे। सूर्या कर्नाटक सरकार के उस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, जिसमें टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए पार्क की पांच एकड़ से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण करने की बात है।



बेंगलुरू की सड़कों पर पर्चे बांट रहे सासंद तेजस्वी

  • बीजेपी सांसद ने अपने समर्थकों के साथ सुबह की सैर पर निकले लोगों और विजिटर्स को पर्चे बांटे। उन्होंने लोगों से 'लालबाग को बचाने' की अपील की। सूर्या ने इसे शहर की हरी-भरी विरासत पर हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की योजना सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की नहीं, बल्कि इस ऐतिहासिक जगह का कमर्शियल इस्तेमाल करने की भी है।
  • विरोध प्रदर्शन के दौरान ANI से बात करते हुए तेजस्वी सूर्या ने कहा, "कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट में दिए अपने हलफनामे में कहा है कि वे लालबाग की पांच एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना चाहते हैं। लालबाग बेंगलुरु की विरासत है। यह शहर का आखिरी बड़ा ग्रीन एरिया (फेफड़ा) है, जहां लोग आकर कुछ पल शांति से बिता सकते हैं। यह शहर के ग्राउंडवाटर लेवल को भी बनाए रखने में मदद करता है।''
  • बेंगलुरु साउथ के सांसद ने बताया कि इस मामले को कोर्ट में चुनौती दी गई है, जो जनहित याचिकाओं (PILs) पर सुनवाई कर रहा है। कोर्ट ने टनल रोड की प्रक्रिया को इन याचिकाओं के अंतिम फैसले के अधीन कर दिया है। सूर्या ने दावा किया कि इस ऐतिहासिक जगह के कमर्शियलाइजेशन का इरादा टेंडर और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में साफ-साफ लिखा है।

क्या है लालबाग का पूरा मामला?

''लालबाग झील यहां के इकोसिस्टम और विरासत का एक अहम हिस्सा है। पांच एकड़ कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। हमने सरकार के इस कदम पर कोर्ट में सवाल उठाया है। कोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है। शुक्र है कि कोर्ट ने पूरी टेंडर प्रक्रिया और टनल रोड प्रोजेक्ट को जनहित याचिका के अंतिम नतीजे पर निर्भर कर दिया है। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि टेंडर में ठेकेदार को लालबाग की उस पांच एकड़ जमीन पर पांच मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की इजाजत दी गई है, जिसे वे अधिग्रहित करना चाहते हैं। यह सब टेंडर के दस्तावेजों और DPR में साफ-साफ लिखा है।''

''हमारी लड़ाई किसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के खिलाफ नहीं है। हमारी लड़ाई विकास के खिलाफ नहीं है। हम विकास चाहते हैं, लेकिन सही तरह का विकास। प्लीज, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए बेंगलुरु की बची-खुची हरी-भरी विरासत को बर्बाद न करें,'' उन्होंने आगे कहा।

कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

  • इससे पहले 16 जुलाई को भी बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने बताया था कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने टनल रोड प्रोजेक्ट को PIL के नतीजों के अधीन कर दिया है और लालबाग में पेड़ों की कटाई पर लगी अंतरिम रोक को भी दोहराया है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को 'पूरी तरह से अवैध' बताया था, क्योंकि इसका कोई एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन) नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी बताया था कि मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को फाइनल फैसले के लिए होगी।
  • ''कर्नाटक हाईकोर्ट ने जनहित याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई की, जिसमें राज्य सरकार के टनल रोड प्रोजेक्ट को चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि किसी भी संभावित ठेकेदार को इन कार्रवाइयों के बारे में सूचित किया जाए। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट के संबंध में कोई इक्विटी नहीं बनाई जाएगी। चीफ जस्टिस ने लालबाग में पेड़ों की कटाई पर लगे पिछले अंतरिम आदेश को दोहराया।''
  • ''हाईकोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया और टनल रोड प्रोजेक्ट को जनहित याचिका के नतीजे के अधीन कर दिया है। अगली सुनवाई 20 अगस्त को तय की गई है, जब मामले पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। मैं इस स्टेज पर अंतरिम राहत देने के लिए हाईकोर्ट का आभारी हूं। टनल रोड प्रोजेक्ट पूरी तरह से अवैध है। इसका कोई एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट नहीं किया गया है,'' उन्होंने आगे कहा।