मुंबई में पार्किंग करते समय एक ड्राइवर की कार 25 फीट गहरे लिफ्ट शाफ्ट में गिर गई। मोड़ चूकने से हुए हादसे में ड्राइवर घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुंबई में मंगलवार को एक ड्राइवर घायल हो गया, जब उसकी कार करीब 25 फीट गहरे पार्किंग लिफ्ट के शाफ्ट में जा गिरी। ये हादसा तब हुआ जब ड्राइवर एक मोड़ नहीं काट पाया और सीधा उस जगह चला गया जहां लिफ्ट बनाने का काम चल रहा था। हादसे की खबर मिलते ही इमरजेंसी टीमें मौके पर पहुंचीं। ड्राइवर को गड्ढे से निकालकर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है, हालांकि उसे कितनी चोटें आई हैं, इस बारे में अभी पक्की जानकारी नहीं मिली है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्राइवर अपनी गाड़ी मुंबई में पार्क करने की कोशिश कर रहा था। वह पार्किंग एरिया की तरफ बढ़ा लेकिन मोड़ चूक गया और सीधा लिफ्ट के लिए बने गैप में चला गया। बताया जा रहा है कि उस जगह को लकड़ी के एक सफेद बैरियर से घेरा गया था, लेकिन कार उसे तोड़ते हुए गहरे शाफ्ट में जा गिरी।
सफेद लकड़ी का बैरियर भी नहीं रोक पाया हादसा
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जब कार गड्ढे में गिरी तो उन्होंने एक जोरदार 'धड़ाम' की आवाज सुनी। लोग तुरंत मौके की तरफ भागे और इमरजेंसी सेवाओं को सूचना दी। बचाव दल फौरन पहुंचा और मलबे से ड्राइवर को निकालने में जुट गया। उसे बाहर निकालकर तुरंत मेडिकल मदद दी गई और फिर अस्पताल ले जाया गया।
यह पार्किंग फैसिलिटी मुंबई के एक व्यस्त इलाके में है, जहां लिफ्ट लगाने के लिए कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। चल रहे काम की वजह से गड्ढा खुला छोड़ा गया था और सुरक्षा के लिए उसके चारों ओर लकड़ी के बैरियर लगाए गए थे। हालांकि, ये सावधानियां हादसे को रोकने के लिए नाकाफी साबित हुईं। एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि हादसे के वक्त ड्राइवर गाड़ी में अकेला था। किसी और के घायल होने की कोई खबर नहीं है। गिरने की वजह से कार बुरी तरह डैमेज हो गई, जिसे क्रेन और दूसरे उपकरणों की मदद से बाहर निकालना पड़ा।
अधिकारियों ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। वे यह पता लगा रहे हैं कि क्या बैरियर काफी थे और क्या साइट पर सुरक्षा नियमों में कोई चूक हुई थी। अधिकारी यह भी देखेंगे कि क्या उस इलाके की तरफ आने वाले ड्राइवरों को सचेत करने के लिए सही चेतावनी वाले साइन लगाए गए थे। इस हादसे ने पार्किंग सुविधाओं के अंदर चल रहे कंस्ट्रक्शन साइट्स की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद सिविक अथॉरिटी परिसर का निरीक्षण कर सकती है।
पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है और यह जांच कर रही है कि सुरक्षा में हुई इस चूक के लिए कौन व्यक्ति या एजेंसी जिम्मेदार है। जांच के हिस्से के रूप में चश्मदीदों के बयान और ड्राइवर का पक्ष भी दर्ज किया जाएगा।
