Nana Patekar Death : बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में गोवा में कार्डियक अटैक से निधन हो गया। अपनी शानदार एक्टिंग से करोड़ों लोगों को खुश करने वाले नाना भी अपने एक दर्द से बेहद दुखी थे। उनके जीवन में एक ऐसी घटना हुई थी जिसने उनकी पूरी लाइफ बदल दी थी। जिसे वह कभी नहीं भूल पाए।

अपनी दमदार एक्टिंग और जिंदादिली से करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। गुरुवार सुबह उन्होंने गोवा के अस्पताल में 75 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। कार्डियक अटैक की वजह से वह दुनिया को छोड़कर चले गए। उन्होंने फिल्मों में कई तरह के किरदार निभाए हैं। पर्दे पर वह जितने मजबूत नजर आए,, उनकी निजी जिंदगी में उतने ही मुश्किल दौर भी आए। गरीबी, पिता को खोना और फिर अपने छोटे बेटे की मौत... इन घटनाओं ने नाना की जिंदगी और सोच को काफी बदल दिया।

13 साल की उम्र में शुरू कर दिया था काम

  • नाना पाटेकर का बचपन आसान नहीं था। उनके परिवार को आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। नाना ने बताया था कि जब वह सिर्फ 13 साल के थे, तब उन्होंने परिवार की मदद के लिए काम करना शुरू कर दिया था।
  • वह स्कूल के बाद फिल्मी पोस्टर पेंट करते थे। इसके लिए उन्हें महीने के करीब 35 रुपये और एक वक्त का खाना मिलता था। वह काम के साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखते थे।

कम उम्र में खो दिया पिता को

  • नाना की जिंदगी में एक और बड़ा झटका तब आया, जब उनके पिता का निधन हो गया। नाना के मुताबिक, उनके पिता को परिवार की आर्थिक स्थिति की चिंता रहती थी। नाना के 28 साल की उम्र में उनके पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
  • पिता से नाना का रिश्ता काफी गहरा था। उन्होंने कई इंटरव्यू में बताया कि उनके पिता उनके थिएटर और अभिनय को पसंद करते थे और उनका हौसला बढ़ाते थे।

सबसे बड़ा दर्द था बेटे को खोना

  • शादी के बाद नाना की जिंदगी में सबसे दुखद घटना उनके बड़े बेटे की मौत रही। उनके बेटे को जन्म से ही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां थीं। नाना ने बताया था कि उनका बेटा करीब ढाई साल की उम्र में चल बसा।
  • इस घटना को याद करते हुए नाना ने अपने मन की बात खुलकर बताई थी। उन्होंने कहा था कि शुरुआत में उन्हें इस बात की चिंता रहती थी कि लोग उनके बेटे की हालत को लेकर क्या सोचेंगे। बाद में उन्हें अपने इसी रवैये का बहुत पछतावा हुआ।

बेटे ने नाना को खुद को समझने का मौका दिया

  • नाना ने कहा था कि बेटे के साथ बिताया छोटा सा समय उन्हें बहुत कुछ सिखा गया। उन्हें एहसास हुआ कि वह दूसरों की सोच की ज्यादा चिंता करते थे।
  • बेटे की मौत के बाद उनकी सोच में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने महसूस किया कि जिंदगी में लोगों की राय, शोहरत और सफलता से ज्यादा जरूरी अपने रिश्ते और परिवार हैं।

पिता और बेटे की याद आज भी साथ रही

  • नाना ने एक पुराने इंटरव्यू में कहा था कि मुश्किल समय में उन्हें अपने माता-पिता, दोस्तों और अपने उस बेटे की याद आती थी। उनके मुताबिक, इन लोगों ने उन्हें वह इंसान बनाने में भूमिका निभाई जो वह आगे चलकर बने।

गरीबी और दर्द ने बनाया मजबूत इंसान

  • नाना पाटेकर की जिंदगी को देखें तो उनके संघर्ष की शुरुआत बहुत कम उम्र में हो गई थी। एक तरफ गरीबी थी, दूसरी तरफ पिता को खोने का दर्द और फिर बेटे की मौत का सदमा।
  • इन घटनाओं ने उन्हें जिंदगी को अलग नजरिए से देखने की सीख दी। शायद यही वजह है कि नाना आज भी सफलता और असफलता को लेकर ज्यादा परेशान नहीं होने की बात करते रहे हैं।
  • उनकी कहानी सिर्फ एक बॉलीवुड स्टार की कहानी नहीं है। यह उस इंसान की कहानी है जिसने बहुत कम उम्र में गरीबी देखी, अपनों को खोया और उन दर्दनाक अनुभवों से खुद को मजबूत बनाया।