NASA ने देखा खतरनाक सोलर विस्फोट, NOAA का बड़ा अलर्ट: क्या पृथ्वी और इंसान खतरे में हैं?
Space Weather Alert: NASA ने X1.9 क्लास का शक्तिशाली सोलर फ्लेयर रिकॉर्ड किया, NOAA ने गंभीर भू-चुंबकीय तूफान का अलर्ट जारी किया। क्या GPS, सिग्नल और पावर ग्रिड प्रभावित होंगे या धरती पूरी तरह सुरक्षित है?

NASA Solar Storm Alert: सूरज, जिसे हम रोज़ जीवन का स्रोत मानते हैं, कभी-कभी ऐसा रूप दिखा देता है जो वैज्ञानिकों को भी सतर्क कर देता है। 18 जनवरी को NASA ने सूरज पर एक बेहद शक्तिशाली X-क्लास सोलर फ्लेयर रिकॉर्ड किया, जिसके बाद अमेरिका की मौसम एजेंसी NOAA ने गंभीर भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storm) का अलर्ट जारी कर दिया। क्या इसका असर पृथ्वी, टेक्नोलॉजी और इंसानों पर पड़ेगा?
आखिर क्या होता है सोलर फ्लेयर और X1.9 इतना खास क्यों है?
NASA के मुताबिक, सोलर फ्लेयर सूरज से निकलने वाली रेडिएशन की अचानक और बेहद तेज़ लहरें होती हैं। 18 जनवरी को रिकॉर्ड किया गया फ्लेयर X1.9 कैटेगरी का था-
- “X” का मतलब: सबसे ताकतवर श्रेणी
- 1.9 का मतलब: उस श्रेणी में भी काफी शक्तिशाली
यह फ्लेयर भारतीय समय के अनुसार रात 11:39 बजे अपने चरम पर था और NASA की Solar Dynamics Observatory ने इसे साफ-साफ कैमरे में कैद किया।
क्या सोलर फ्लेयर से इंसानों को सीधा खतरा होता है?
यहां एक राहत भरी खबर है। NASA साफ कहता है कि सोलर फ्लेयर की खतरनाक रेडिएशन पृथ्वी के वायुमंडल को पार नहीं कर पाती, यानी ज़मीन पर रहने वाले लोग सीधे तौर पर सुरक्षित हैं। आपको बाहर निकलने या छुपने की कोई ज़रूरत नहीं है। लेकिन असली परेशानी… आसमान के ऊपर होती है।
The Sun emitted a strong solar flare on Jan. 18, peaking at 1:09 PM ET. NASA’s Solar Dynamics Observatory captured an image of the event, which was classified as X1.9. https://t.co/GK3BlezbdCpic.twitter.com/af65MfpX5w
— NASA Space Alerts (@NASASpaceAlerts) January 20, 2026
अगर इंसान सुरक्षित हैं, तो परेशानी किसे होती है?
तेज़ सोलर फ्लेयर और उससे निकले तूफान ये नुकसान कर सकते हैं:
- GPS और नेविगेशन सिस्टम में गड़बड़ी
- रेडियो और सैटेलाइट सिग्नल कमजोर होना
- पावर ग्रिड में रुकावट
- एयर ट्रैफिक और कम्युनिकेशन सिस्टम पर असर
NASA ने यह भी बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों और सैटेलाइट्स के लिए ये हालात ज्यादा खतरनाक होते हैं, इसलिए अंतरिक्ष मौसम पर लगातार निगरानी रखी जाती है।
NOAA ने क्यों जारी किया गंभीर तूफान का अलर्ट?
इस सोलर फ्लेयर के बाद वैज्ञानिकों ने एक Coronal Mass Ejection (CME) भी देखा। CME को आसान शब्दों में कहें तो सूरज से निकलने वाला प्लाज्मा और चुंबकीय ऊर्जा का विशाल बादल, जो सीधे पृथ्वी की ओर बढ़ रहा था। सोमवार तक इसने पृथ्वी के मैग्नेटिक फील्ड को प्रभावित करना शुरू कर दिया। अमेरिका के Space Weather Prediction Center ने इसे 5 में से 4 स्तर का गंभीर भू-चुंबकीय तूफान बताया। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पिछले 20 सालों में सबसे ताकतवर तूफानों में से एक हो सकता है। यानी असर बड़ा है- लेकिन काबू में।
क्या आम लोगों को अभी कुछ करना चाहिए?
घबराने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन ध्यान रखने वाली बातें ये हैं:-
- अगर GPS या मोबाइल नेटवर्क थोड़ा अजीब व्यवहार करे, तो घबराएं नहीं
- टेक्निकल गड़बड़ी अस्थायी हो सकती है
- अगर आप ऐसे इलाके में हैं जहां ऑरोरा (Northern Lights) दिखते हैं, तो यह हफ्ता आपके लिए खास हो सकता है।
क्या सूरज भविष्य में और खतरनाक हो सकता है?
वैज्ञानिक मानते हैं कि सूरज इस समय अपने Solar Maximum Phase की ओर बढ़ रहा है, यानी आने वाले समय में ऐसे सोलर फ्लेयर्स और देखने को मिल सकते हैं। इसलिए NASA और NOAA जैसे संस्थान 24×7 सूरज पर नज़र बनाए हुए हैं। यह सोलर विस्फोट इंसानों के लिए सीधा खतरा नहीं है, लेकिन यह हमें याद दिलाता है कि हमारी आधुनिक दुनिया टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष मौसम पर कितनी निर्भर हो चुकी है।
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