नासिक के इगतपुरी में महिला से कथित यौन उत्पीड़न का विरोध परिवार पर भारी पड़ गया। 15 किमी तक पीछा, कार में तोड़फोड़ और हमले की कोशिश ने इलाके में सनसनी फैला दी। आरोपी अब भी फरार हैं।

Nashik Family Assault Case: महाराष्ट्र के नासिक से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। रविवार के खुशनुमा दिन को यादगार बनाने के इरादे से निकला एक परिवार मौत के बेहद करीब से गुजरकर वापस लौटा है। नासिक के प्रसिद्ध भवली बांध (Bhavali Dam) और झरने के पास एक परिवार को बंधक जैसी स्थिति और खौफनाक रोड रेज का सामना करना पड़ा, जहां वहशी दरिंदों ने न केवल एक महिला के साथ सरेआम बदसलूकी की, बल्कि विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की कोशिश भी की।

संडे पिकनिक बना काल: झरने के पास वो खौफनाक शुरुआत

मौसम का लुत्फ उठाने के लिए भागवत परिवार नासिक के इगतपुरी कस्बे में स्थित भवली बांध और झरने वाले खूबसूरत इलाके में पहुंचा था। चारों तरफ हरियाली और शांति थी, लेकिन यह शांति जल्द ही एक भयावह तूफान में बदलने वाली थी। वहां पहले से ही मौजूद कुछ मनचले और उपद्रवी युवकों के एक गुट की नजर परिवार की एक महिला सदस्य पर पड़ी। हंसी-मजाक के बीच अचानक माहौल में जहर घुल गया जब उन युवकों ने महिला पर फब्तियां कसना और सीटी बजाना शुरू कर दिया। बात सिर्फ सीटी बजाने तक नहीं रुकी; आरोपियों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए महिला का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न (यौन उत्पीड़न) शुरू कर दिया। जब पीड़ित महिला और उसके परिवार ने इस घटिया और अपमानजनक व्यवहार का कड़ा विरोध किया, तो आरोपी शर्मिंदा होने के बजाय सीधे खून-खराबे पर उतारू हो गए।

15 किलोमीटर तक मौत का पीछा: हाइवे पर थर्राया परिवार

जब बदमाशों की गुंडागर्दी हद से पार होने लगी, तो भागवत परिवार ने समझदारी दिखाई और स्थिति को भांपते हुए तुरंत अपनी कार में बैठकर वहां से निकलने का फैसला किया। लेकिन वहशी दरिंदों के सिर पर खून सवार था। वे इतनी आसानी से उन्हें छोड़ने के मूड में नहीं थे। आरोपियों ने गाड़ियों और बाइकों से परिवार की कार का पीछा करना शुरू कर दिया। यह कोई साधारण पीछा नहीं था; यह लगभग 10 से 15 किलोमीटर लंबा मौत का तांडव था। सुनसान सड़कों और हाइवे पर आरोपियों ने बार-बार परिवार की कार को ओवरटेक करने और उसे जबरन रोकने की कोशिश की। कार के भीतर बैठा परिवार भगवान को याद कर रहा था, जबकि बाहर उनके पीछे साक्षात यमराज दौड़ रहे थे।

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लोहे की रॉड और डंडों से हमला: कार पर बरसीं लाठियां

पीछा करने के दौरान आरोपियों ने कई जगहों पर गाड़ी को घेरकर रोकने में कामयाबी हासिल की। गाड़ी रुकते ही हमलावरों ने अपने इरादे साफ कर दिए। उनके हाथों में लकड़ी की मजबूत छड़ें और लोहे की भारी रॉड थीं। आरोपियों ने बिना कोई रहम दिखाए पूरी ताकत से कार पर हमला बोल दिया। उन्होंने न केवल खिड़कियों के शीशे तोड़े, बल्कि कार की बॉडी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हमलावर चिल्ला-चिल्लाकर परिवार के सदस्यों को बाहर खींचने और उन्हें लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मार डालने की कोशिश कर रहे थे। कार के शीशे टूटने और जोर-जोर से हो रहे प्रहारों की आवाजों के बीच परिवार के बच्चे और महिलाएं बुरी तरह चीख रहे थे। किसी तरह ड्राइवर ने हिम्मत दिखाई और एक्सीलेटर पर पैर दबाकर गाड़ी को हमलावरों के चंगुल से भगाया।

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पुलिस की संयुक्त टीमें अलर्ट: क्या पकड़े जाएंगे आरोपी?

इस खौफनाक मंजर से बचकर जैसे-तैसे भागवत परिवार सुरक्षित स्थान पर पहुंचा और तुरंत पुलिस से संपर्क किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए नासिक पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पीड़ितों की शिकायत के आधार पर नासिक पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। चूंकि घटना इगतपुरी के ग्रामीण और शहरी सीमा के पास हुई है, इसलिए नासिक शहर और ग्रामीण पुलिस की संयुक्त टीमों (Joint Teams) का गठन किया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और चश्मदीदों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि वे जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के इंतजाम कितने खोखले हैं।