PoK Protests: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलाकोट में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान कई लोगों की मौत का दावा किया गया है। बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
POK Rawalakot Violence: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) एक बार फिर हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के चलते सुर्खियों में है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रावलाकोट में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान कम से कम छह नागरिकों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है। वहीं भारत ने इस घटनाक्रम पर पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा है कि यह वहां के लोगों के साथ वर्षों से हो रहे "व्यवस्थित शोषण और अधिकारों के दमन" का परिणाम है।
रावलाकोट में क्या हुआ?
रिपोर्टों के मुताबिक, रावलाकोट के न्यू बस टर्मिनल के पास सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। दावा किया गया है कि इस दौरान सुरक्षा बलों की फायरिंग में कई लोगों की मौत हुई। मृतकों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अरसलान अकबर और वाजिद हयात समेत कई नागरिकों के नाम सामने आए हैं।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, हाल के दिनों में क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि जून की शुरुआत से अब तक प्रदर्शन और झड़पों में नागरिकों तथा सुरक्षा कर्मियों समेत कई लोगों की जान जा चुकी है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
आखिर क्यों भड़क रहे हैं PoK में प्रदर्शन?
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लंबे समय से महंगाई, बिजली दरों में बढ़ोतरी, सस्ती गेहूं आपूर्ति की कमी और आर्थिक संकट को लेकर लोगों में नाराजगी है। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKAAC) के नेतृत्व में कई जिलों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
प्रदर्शनों के चलते बाजार, शैक्षणिक संस्थान और कई प्रमुख सड़कें प्रभावित हुई हैं। कुछ स्थानीय समूहों ने इंटरनेट सेवाएं बाधित होने और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित होने का भी आरोप लगाया है। वहीं अमेरिका में PoK मूल के लोगों ने व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की।
भारत ने पाकिस्तान पर लगाए गंभीर आरोप
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों के मौलिक अधिकारों के लंबे समय से हो रहे कथित दमन और प्रशासनिक शोषण का परिणाम हैं।
विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान बल प्रयोग, इंटरनेट बंद करने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित करने जैसे कदम उठा रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मुद्दे पर पाकिस्तान की जवाबदेही तय करने की अपील की है। फिलहाल PoK के कई हिस्सों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। घटनाओं को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।


