NEET 2026 Abu Dhabi Centre Row: नीट 2026 परीक्षा से पहले नागपुर के एक छात्र को अबू धाबी परीक्षा केंद्र आवंटित होने का मामला राजनीतिक विवाद बन गया है।
नई दिल्ली: नीट री-एग्जाम (NEET Re-Exam 2026) परीक्षा से ठीक पहले एक बार फिर परीक्षा प्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक उम्मीदवार को नागपुर की जगह अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने के मामले को उठाते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने इस घटना को परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी का उदाहरण बताते हुए लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को सामने रखने की कोशिश की। हालांकि, इस मामले में NTA ने विस्तृत सफाई जारी करते हुए दावा किया है कि उपलब्ध तकनीकी रिकॉर्ड राहुल गांधी के आरोपों से अलग तस्वीर पेश करते हैं। एजेंसी का कहना है कि संबंधित उम्मीदवार के परीक्षा केंद्र में किया गया बदलाव किसी तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम नहीं था, बल्कि उम्मीदवार के लॉगिन से ही किया गया था।

क्या है पूरा मामला?
विवाद उस समय शुरू हुआ जब नागपुर के एक NEET अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी आवंटित होने की जानकारी सामने आई। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठने लगे। इसके बाद राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी की टिप्पणी ऐसे समय में आई जब NEET 2026 परीक्षा में केवल दो दिन बाकी थे। लाखों छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे और परीक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की खबर स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन रही थी।
NTA ने क्या कहा?
NTA के अनुसार, जांच में पाया गया कि परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी का विकल्प उम्मीदवार के पंजीकृत लॉगिन के माध्यम से ही चुना गया था। एजेंसी ने बताया कि रिकॉर्ड में किसी बाहरी हस्तक्षेप या अनधिकृत एक्सेस का कोई संकेत नहीं मिला है। NTA का दावा है कि परीक्षा शहर को एक बार बदलकर अबू धाबी किया गया था। इस विकल्प को उम्मीदवार के लॉगिन से दो बार प्रीव्यू भी किया गया। पूरे प्रोसेस के दौरान एक ही यूजर एक्सेस पैटर्न दिखाई दिया। सिस्टम में किसी प्रकार की हैकिंग या तकनीकी छेड़छाड़ का प्रमाण नहीं मिला। एजेंसी ने यह भी कहा कि 19 जून की शाम को उम्मीदवार की ओर से एक अनौपचारिक अनुरोध मिलने के बाद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। NTA ने उम्मीदवार के पिता से संपर्क किया और परीक्षा केंद्र को नागपुर में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
NEET और विवादों का पुराना संबंध
पिछले कुछ सालों में NEET परीक्षा कई बार विवादों और राजनीतिक बहस का केंद्र रही है। पेपर लीक, परीक्षा प्रबंधन और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। इसी वजह से NEET से जुड़ी किसी भी खबर पर छात्रों और अभिभावकों की नजर रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर किसी भी जानकारी को सार्वजनिक करने से पहले तथ्यों का पूरी तरह सत्यापन होना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर लाखों छात्रों की मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है।
छात्रों के लिए सबसे जरूरी क्या?
इस पूरे विवाद के बीच शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को अफवाहों और राजनीतिक बयानबाजी से दूर रहकर अपनी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल NTA और संबंधित सरकारी संस्थाओं के आधिकारिक बयान पर भरोसा करना चाहिए।


