NEET Re-Exam: कौन है राजस्थान के भीलवाड़ा से गिरफ्तार हुआ शख्स? जो टेलीग्राम पर बेच रहा था फर्जी पेपर? NEET परीक्षा से पहले मचा हड़कंप! VPN के पीछे छुपा था कौन? NEET री-एग्जाम से पहले क्यों ब्लॉक हुआ टेलीग्राम? सामने आया चौंकाने वाला राज

भीलवाड़ा (राजस्थान): राजस्थान के भीलवाड़ा में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा (re-examination) से पहले टेलीग्राम पर फर्जी क्वेश्चन पेपर बेच रहा था। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार ने NEET-UG री-एग्जाम को लेकर टेलीग्राम पर पाबंदियां लगाई हुई हैं।

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कौन है नीट का पेपर बेचने वाला ये आरोपी?

  • आरोपी की पहचान आकाश चौधरी के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल करके टेलीग्राम चैनल चला रहा था।
  • भीलवाड़ा के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) नेमी चंद चौधरी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 22 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

आरोपी से टेलीग्राम के जरिए जुड़े 54 सदस्य

  • डीएसपी चौधरी ने कहा, "21 जून को होने वाली नीट परीक्षा को लेकर पटेल नगर के आकाश चौधरी नाम के एक लड़के ने एक फर्जी पेपर बनाया और कुछ लोग इसे बेचते हुए पाए गए। प्रताप नगर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
  •  पुलिस का कहना है कि हम इसमें शामिल सभी लोगों की जांच करेंगे। क्योंकि उसके टेलीग्राम ग्रुप में 54 सदस्य हैं... इस मामले में पूरी जांच की जाएगी."
  • जब उनसे टेलीग्राम पर लगे अस्थायी बैन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "वह वीपीएन ऐप के जरिए (टेलीग्राम) खोल पा रहा था."

कोर्ट ने बताया टेलीग्राम को करना पड़ा बंद

  • इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने के केंद्र के फैसले को सही ठहराया है।कोर्ट ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म का आर्किटेक्चर गैर-कानूनी कंटेंट को तेजी से फैलाने में मदद करता है और इसे रोकने के छोटे-मोटे उपाय पहले भी नाकाम रहे हैं।
  • टेलीग्राम FZ LLC की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस तेजस कारिया ने माना कि टेलीग्राम के तकनीकी फीचर्स, जैसे बड़े पब्लिक चैनल, क्लाउड-आधारित स्टोरेज, बॉट्स का बड़ा इकोसिस्टम, यूजरनेम-आधारित ऑपरेशन, मिरर चैनल और मैसेज एडिट करने की क्षमता, इसे गलत सूचना फैलाने और धोखाधड़ी के लिए आसान निशाना बनाते हैं।