NEET Paper Leak : नीट के पेपरलीक के खुलासे के बाद आज देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को रद्द कर दिया गया है। 3 मई को आयोजित इस परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। 

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET मंगलवार को रद्द कर दी गई है। जिसे 3 मई को 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। लेकिन यह फैसला नीट के पेपरलीक खुलासे के बाद किया गया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कहा कि अब दोबारा से इस एग्जाम को कराया जाएगा। वहीं इसी बीच दावा किया जा रहा है कि पेपरलीक का मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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नीट पेपरलीक का मास्टरमाइंड कौन?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेपरलीक का मुख्य मास्टरमाइंड जयपुर का रहने वाला बताया जाता है। जिसे सोमवार को हिरासत में लिया है। साथ ही इस मामले में सीकर, झुंझुनूं और देहरादून से अब तक 15 अन्य लोगों को भी पकड़ा है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सबसे पहले 8 मई को शिकायत आई थी। इसके बाद स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने पहली बार सीकर और झुंझुनूं में जांच शुरू की।

केरल से सीकर के छात्र को मिला था नीट का पेपर

बता दें कि नीट का पेपरलीक सबसे पहले राजस्थान में हुआ था। ये गेस पेपर सबसे पहले सीकर के स्टूडेंट्स को पेपर को दिन पहले यानि 1 मई को मिला था। बताया जाता है कि यह गेस पेपर केरल में पढ़ने वाले चूरू जिले के MBBS स्टूडेंट ने सीकर में अपने दोस्त को भेजा था। जिसमें 120 से 140 प्रश्न हूबहू मुख्य परीक्षा में आए थे। यानि 720 में से 600 नंबर के प्रश्न इस गेस पेपर में थे।

नीट पेपरलीक का खुलासा कैसे हुआ

सीकर के छात्र के बाद नीट का यह पेपर झुंझुनूं के छात्रों तक पहुंचा। फिर ये गेस पेपर एक पीजी संचालक को मिला । उसने यह पेपर अपने यहां रहने वाले स्टूडेंट को दे दिया था। जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने इसकी शिकायत पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) दी। जिसके बाद मामला सबके सामने आ गया और आज इसमें बड़ी कार्रवाई करते पेपर को रद्द कर दिया गया।