NEET 2026 Paper Leak Case: NTA से जुड़े प्रोफेसर PV कुलकर्णी की गिरफ्तारी ने देशभर में सनसनी फैला दी। CBI के मुताबिक, पुणे में गुप्त ट्यूशन क्लास के जरिए लाखों रुपये लेकर असली सवाल और जवाब रटवाए गए। राजस्थान से महाराष्ट्र तक फैले नेटवर्क, रद्द हुई परीक्षा और 22 लाख छात्रों के भविष्य पर अब सबसे बड़ा सवाल-क्या यह सिर्फ शुरुआत है?
NEET UG 2026 Paper Leak: देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर चल रहे विवाद में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आया है, जिसने पूरी शिक्षा व्यवस्था और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा के रद्द होने के बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस पूरे नेटवर्क के सबसे बड़े 'सरगना' को दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी किसी मामूली बिचौलिए की नहीं, बल्कि खुद NTA की परीक्षा प्रक्रिया से सीधे जुड़े एक रसूखदार चेहरे की हुई है।

सीक्रेट ट्यूशन और लाखों का खेल: बंद कमरे का वो खौफनाक सच
CBI की तफ्तीश में जो खुलासा हुआ है, वह किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म की कहानी जैसा है। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में, जब देश भर के 22 लाख छात्र दिन-रात एक कर के NEET की तैयारी कर रहे थे, तब पुणे के एक बंद मकान में देश के भविष्य का सौदा हो रहा था।
CBI के मुताबिक, मुख्य आरोपी केमिस्ट्री लेक्चरर PV कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर अपने पुणे स्थित आवास पर एक 'गुप्त कोचिंग सत्र' (Secret Tuition Session) आयोजित किया था। इस सत्र में शामिल होने के लिए चुनिंदा परीक्षार्थियों से लाखों रुपये वसूले गए थे। इस गुप्त क्लास में कोई आम पढ़ाई नहीं हो रही थी, बल्कि देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली परीक्षा के वास्तविक प्रश्न, उनके बहुविकल्पीय विकल्प और सही उत्तर बोलकर लिखवाए जा रहे थे। छात्रों ने उन्हें अपनी पर्सनल नोटबुक में नोट किया और रट लिया।

रक्षक ही भक्षक: NTA के उस 'खास पैनल' में छिपा था गद्दार!
जांच एजेंसी ने जब कुलकर्णी की कुंडली खंगाली, तो कड़वा सच सामने आया। आरोपी PV कुलकर्णी कोई साधारण शिक्षक नहीं, बल्कि एक कॉलेज से रिटायर्ड प्रोफेसर हैं, जो वर्षों से NTA के उस बेहद गोपनीय और विशिष्ट पैनल का हिस्सा था, जो NEET के प्रश्न पत्र तैयार करता है।
CBI का आधिकारिक दावा है : "इस वीआईपी कूटनीतिक पहुंच के कारण कुलकर्णी के पास 3 मई, 2026 को होने वाले वास्तविक NEET-UG प्रश्न पत्रों तक सीधी पहुंच थी। इसी का फायदा उठाकर उसने परीक्षा से पहले ही पूरा पेपर उड़ा लिया और जांच में अब केमिस्ट्री पेपर लीक के वास्तविक स्रोत का अकाट्य पता चल चुका है।"
'गेस पेपर' का मायाजाल: 100% सटीक मिलान ने उड़ाए होश
शुरुआत में इस पूरे खेल को कोचिंग सेंटरों द्वारा तैयार किया गया एक सामान्य 'गेस पेपर' (अनुमानित प्रश्न पत्र) बताकर रफा-दफा करने की कोशिश की गई थी। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने जब जांच शुरू की, तो हाथ से लिखे कुछ पन्नों ने इस साजिश की गहराई को उजागर किया।
सामान्य तौर पर ट्यूटर पिछले सालों के रुझानों के आधार पर अभ्यास प्रश्न तैयार करते हैं, लेकिन इस तथाकथित गेस पेपर का लीक से ऐसा कनेक्शन था कि खुद अधिकारी हैरान रह गए। इस कथित गेस पेपर में कुल 281 प्रश्न शामिल थे। जब 3 मई को वास्तविक परीक्षा हुई, तो NEET परीक्षा में पूछे गए जीव विज्ञान (Biology) के सभी 90 प्रश्न और रसायन विज्ञान (Chemistry) के सभी 45 प्रश्न हूबहू इसी पेपर से मैच कर गए। कुल 180 प्रश्नों वाली इस परीक्षा में यह शत-प्रतिशत मिलान ही इस बात का पुख्ता सबूत बन गया कि पेपर पूरी तरह लीक हो चुका था, जिसके दबाव में आकर 12 मई को NTA को यह परीक्षा रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लेना पड़ा।
राजस्थान से सीकर का रूट: क्या पीढ़ियों से चल रहा था यह काला धंधा?
CBI की देशव्यापी रडार पर अब तक 7 लोग आ चुके हैं। जांच का एक बड़ा सिरा राजस्थान के जयपुर और सीकर जिलों से जुड़ा हुआ है। राजस्थान पुलिस की हिरासत से CBI के पास आए दो आरोपी-मांगी लाल और दिनेश बीवाल (जो आपस में रिश्तेदार हैं)-इस नेटवर्क की सबसे मजबूत जमीनी कड़ी बनकर उभरे हैं।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी और भी ज्यादा चौंकाने वाली है। आशंका जताई जा रही है कि यह परिवार पिछले कई सालों से मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम के पेपर लीक करने और उन्हें बेचने के काले कारोबार में लिप्त था। इन्होंने न केवल इस साल का लीक पेपर सीकर के बड़े कोचिंग हब को बेचा, बल्कि पिछले सालों में भी अपने परिवार और खास ग्राहकों के लिए गुप्त रूप से पेपर हासिल किए थे। फिलहाल, CBI इस पूरे गिरोह के तार देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने और इस सिंडिकेट में शामिल सफेदपोशों को बेनकाब करने में जुटी है। 22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर है, और सस्पेंस इस बात को लेकर गहरा है कि इस दलदल में अभी और कितने बड़े नाम सामने आने बाकी हैं।


