NEET धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी है। लोगों ने फूड ऐप्स से 500+ पैकेट भेजकर समर्थन दिया। सरकार ने 13 गिरफ्तारियों का दावा किया है, पर विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और संसद में चर्चा पर अड़ा है।

नई दिल्ली: NEET परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। इस बीच, आंदोलन को एक अनोखा समर्थन मिल रहा है। देशभर से लोग फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए प्रदर्शनकारियों के लिए खाना ऑर्डर कर रहे हैं। वॉलंटियर्स और डिलीवरी बॉयज ने बताया कि अब तक अलग-अलग राज्यों से 500 से ज्यादा फूड पैकेट पहुंच चुके हैं। इनमें बर्गर, सैंडविच से लेकर पानी की बोतलें तक शामिल हैं। दरअसल, एक दिन पहले पुलिस ने प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए थे, जिससे प्रदर्शनकारियों को खाना-पानी मिलना मुश्किल हो गया था। इसी के बाद लोगों ने यह अनोखा तरीका निकाला।

पुलिस की कार्रवाई के बाद CJP ने जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन फिर से तेज कर दिया है। सुबह से ही सैकड़ों युवा इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंगा ने आरोप लगाया कि पिछली झड़प में पुलिस ने पैलेट गन तक का इस्तेमाल किया था। वहीं, केंद्र सरकार इस बात पर अड़ी है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। वामपंथी सांसदों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगना चाहिए। केरल से आए सांसदों समेत कई लेफ्ट नेता जंतर-मंतर पहुंचे और अभिजीत दीपके से बात की।

नीट पर हमने कड़ा एक्शन लिया: प्रधानमंत्री

इसी बीच, NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि सरकार ने NEET धांधली पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, "जैसे ही पेपर लीक की जानकारी मिली, हमने तुरंत एक्शन लिया। 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अच्छे वकील नियुक्त किए गए ताकि दोषियों को सजा मिल सके।"

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए दोबारा परीक्षा कराकर जल्द ही नतीजे घोषित कर दिए गए। उन्होंने सड़कों पर हो रहे प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। पीएम ने सांसदों से कहा कि वे 'गुमराह युवाओं' के बीच जाकर उन्हें सही रास्ता दिखाएं। उधर, संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ। विपक्ष NEET धांधली और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा था, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया। इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही ठप हो गई।