Nepal Flood Again: नेपाल के गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से भारी नुकसान की खबर है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 10 लोग लापता हैं, छह पुल बह गए और करीब 35 घर तबाह हुए। सेना और हेलीकॉप्टर राहत कार्य में लगाए गए हैं। भूस्खलन को संभावित वजह माना जा रहा है।
नेपाल में पहाड़ों से उतरता पानी एक बार फिर बड़ी तबाही की वजह बन गया है। गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई इलाकों में अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर भागते नजर आए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस बाढ़ में कम से कम 10 लोग लापता हैं, छह पुल बह गए और करीब 35 घर तबाह हो गए। प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए सेना तथा हेलीकॉप्टरों की मदद ली है।
बूढ़ी गंडकी नदी में सैलाब, पुल और घर तबाह
नेपाल के गोरखा जिले में अचानक आई बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों को प्रभावित किया है। बाढ़ के पानी से कई पुल बह गए, जबकि बूढ़ी गंडकी हाइड्रोपावर परियोजना की कैंप बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा है।
नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। नेपाल पुलिस माइक के जरिए लगातार घोषणाएं कर लोगों को खतरे से आगाह कर रही है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
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भूस्खलन बना बाढ़ की वजह? सेना और हेलीकॉप्टर तैनात
अधिकारियों को आशंका है कि पहाड़ पर हुए भूस्खलन के मलबे से नदी का रास्ता अस्थायी रूप से अवरुद्ध हुआ होगा। इसके बाद पानी जमा होने और अचानक बहाव बढ़ने से बाढ़ आई हो सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए सेना की टुकड़ी भेजने की जानकारी दी है। गृह मंत्री सुडान गुरुंग के मुताबिक, राहत और बचाव कार्यों में सुरक्षा कर्मियों के साथ हेलीकॉप्टर टीमों को भी लगाया गया है। नदी किनारे रहने वालों के लिए खतरा अभी टला नहीं है।
नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
बूढ़ी गंडकी में आई बाढ़ ने नेपाल के पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की चुनौती को फिर सामने ला दिया है। अचानक आने वाला पानी, भूस्खलन और पुलों का टूटना राहत कार्यों को मुश्किल बना सकता है।
प्रशासन की अपील है कि नदी के किनारे और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग चेतावनियों को गंभीरता से लें और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें। लापता लोगों की तलाश और नुकसान का आकलन राहत अभियान के अहम हिस्से हैं।
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