नेपाल के बाढ़ ने दोबारा तबाही मचाई है। रविवार 11 अक्टूबर को मनासलू में अचानक आई बाढ़ से 40 घर और 6 पुल बहे। 10 लोग लापता हैं, 150 से ज्यादा विदेशी पर्यटक फंसे हैं। इससे पहले 26 अगस्त को बाढ़ से नेपाल में भारी तबाही मची थी।
Manaslu Flood Update: नेपाल के मनासलू ट्रेकिंग इलाके में रविवार तड़के अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। बाढ़ के कारण करीब 40 घर, छह पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बह गया। इस आपदा में 10 लोग लापता हैं, जबकि 150 से ज्यादा विदेशी पर्यटक अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं। समय पर SMS अलर्ट मिलने से कई लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सके। वहीं, नेपाली सेना ने 49 लोगों को बचाया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है।
नेपाल में अचानक कैसे आई बाढ़?
यह बाढ़ काठमांडू से करीब 100 किलोमीटर पश्चिम में स्थित चुमनुबरी इलाके में रविवार सुबह लगभग 4 बजे आई। यहां त्रिशूली नदी की सहायक नदी बूढ़ी गंडकी में पानी का तेज बहाव देखने को मिला। अधिकारियों को आशंका है कि भूस्खलन के कारण किसी सहायक नदी का रास्ता कुछ समय के लिए रुक गया था। इससे पानी और मलबा जमा हुआ और रुकावट हटने के बाद अचानक बाढ़ आ गई। हालांकि, बाढ़ आने की सटीक वजह की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बाढ़ में 10 लोग लापता
बाढ़ से उंगिलुंग नदी के पास रहने वाले 5 लोग लापता हैं। इनमें दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा, चार से पांच चरवाहों के भी संपर्क में नहीं होने की जानकारी मिली है। बाढ़ ने करीब 35 से 40 घरों और एक प्राथमिक स्कूल को नष्ट कर दिया। वहीं, 20 से 22 अन्य घरों पर भी खतरा बना हुआ है।
6 पुल बहे, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह
बाढ़ के तेज बहाव में 6 पुल बह गए। इससे कई दूर-दराज के इलाकों का संपर्क टूट गया है। सल्लेरी में बन रही 341 मेगावाट क्षमता वाली बूढ़ी गंडकी पनबिजली परियोजना के निर्माण शिविर और उपकरणों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। अरुघाट में नदी का जलस्तर पांच मीटर के खतरे के निशान को पार कर 8.4 मीटर तक पहुंच गया। बाढ़ के पानी में निगरानी स्टेशन भी बह गया, जिससे जलस्तर की रीडिंग लेने में परेशानी हुई।
दो लाख SMS अलर्ट जारी, कई जिलों में चेतावनी
- नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धर्मराज उप्रेती के अनुसार, अधिकारियों को सुबह 6:20 बजे बाढ़ की जानकारी मिली।
- इसके बाद सुबह 6:40 बजे पहली SMS चेतावनी जारी की गई। दो चरणों में करीब दो लाख अलर्ट भेजे गए, जिनमें लोगों को नदी के किनारों और जोखिम वाले इलाकों से दूर जाने को कहा गया।
- धाडिंग, तनाहुन, चितवन और पूर्वी व पश्चिमी नवलपरासी में भी अलर्ट जारी किया गया। त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
- अधिकारियों ने नदी के ऊपरी हिस्से में दोबारा रुकावट बनने की आशंका से इनकार नहीं किया है।
मनासलू ट्रेकिंग रूट पर फंसे विदेशी पर्यटक
- बाढ़ ने नेपाल के पॉपुलर मनासलू ट्रेकिंग रूट को भी प्रभावित किया है। रास्तों और सस्पेंशन ब्रिज को नुकसान पहुंचने से पर्यटकों की आवाजाही बाधित हो गई।
- जगत में 100 से ज्यादा विदेशी पर्यटक फंसे हैं। इसके अलावा, 17 लोग लोकपा और 40 लोग चुम घाटी के छेकमपार में फंसे हुए थे।
- मनासलू कंजर्वेशन एरिया प्रोजेक्ट के संरक्षण अधिकारी भुवनराज ओझा के मुताबिक, पर्यटक सुरक्षित हैं और अधिकारियों की ओर से उन्हें हेलीकॉप्टर से निकालने की व्यवस्था की जा रही है।
- यह आपदा भोटेकोशी-त्रिशूली नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के ठीक 45 दिन बाद आई है। उस बाढ़ में 1,450 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 5,250 लोग लापता हो गए थे। तब 26 अगस्त 2026 को भीषण बाढ़ और हिमस्खलन के चलते नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा क्षेत्रों में भारी तबाही मची थी।


