न्यूज़ीलैंड के गोल्डन वीज़ा प्रोग्राम में 1 जून 2026 से कौन-सा बड़ा बदलाव लागू किया गया है? एक्टिव इन्वेस्टर प्लस वीज़ा की 'ग्रोथ' कैटेगरी में निवेशकों को न्यूनतम कितना निवेश करना होगा? नए नियमों के तहत निवेश राशि का अधिकतम कितना हिस्सा चैरिटी या पर्यावरणीय प्रोजेक्ट्स में दान किया जा सकता है?

विदेशी निवेशकों को अपने देश की तरफ खींचने के लिए न्यूज़ीलैंड ने अपने मशहूर 'गोल्डन वीज़ा' प्रोग्राम में एक अहम बदलाव का ऐलान किया है। नए नियम के मुताबिक, अब परमानेंट रेज़िडेंसी (स्थायी निवास) पाने के लिए किए जाने वाले निवेश में चैरिटी या पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स को दिए गए दान को भी गिना जाएगा। ये नए नियम 1 जून 2026 से लागू होंगे। यह बदलाव न्यूज़ीलैंड के 'एक्टिव इन्वेस्टर प्लस वीज़ा' (Active Investor Plus Visa) प्रोग्राम की 'ग्रोथ' कैटेगरी में किया गया है। इसके बाद विदेशी निवेशक देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरण से जुड़े क्षेत्रों में सीधे दान देकर परमानेंट रेज़िडेंसी के लिए अप्लाई कर पाएंगे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

नई गाइडलाइंस के अनुसार, 'ग्रोथ' कैटेगरी में अप्लाई करने वालों को 50 लाख न्यूज़ीलैंड डॉलर (करीब 25 करोड़ रुपये) का निवेश करना ज़रूरी होगा। इसमें से ज़्यादा से ज़्यादा 20% रकम यानी 10 लाख न्यूज़ीलैंड डॉलर तक मान्यता प्राप्त चैरिटी संस्थाओं, वाइल्डलाइफ बचाने वाले प्रोजेक्ट्स या पर्यावरण से जुड़े कामों के लिए दान में दी जा सकती है। बाकी की रकम तेज़ी से बढ़ने वाले बिजनेस, स्टार्टअप्स या मैनेज्ड फंड्स जैसे क्षेत्रों में लगानी होगी।

इस फैसले का स्वागत करते हुए न्यूज़ीलैंड की इमिग्रेशन मंत्री एरिका स्टैनफोर्ड ने कहा, "पिछले एक साल में कई निवेशकों और चैरिटी संस्थाओं ने मांग की थी कि सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े कामों में सीधे मदद करने का मौका दिया जाए। इस तरह के दान से समाज के लिए बेहतरीन काम कर रही चैरिटी संस्थाओं को बड़ी मदद मिलेगी।"

फिलहाल, एक्टिव इन्वेस्टर प्लस वीज़ा प्रोग्राम में निवेश के दो रास्ते हैं…

1. 'ग्रोथ' कैटेगरी: इसमें तीन साल के लिए 50 लाख न्यूज़ीलैंड डॉलर का निवेश हाई-रिस्क वाले क्षेत्रों में करना होता है। इस दौरान आवेदक को कम से कम 21 दिन न्यूज़ीलैंड में रहना भी ज़रूरी है।

2. 'बैलेंस्ड' कैटेगरी: इसमें पांच साल के लिए 1 करोड़ न्यूज़ीलैंड डॉलर का निवेश करना होता है। इसमें बॉन्ड, शेयर और चुनिंदा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इस कैटेगरी के आवेदकों को कम से कम 105 दिन देश में बिताने होते हैं। हालांकि, ज़्यादा रकम निवेश करने वालों को रहने की शर्त में कुछ छूट मिल सकती है।

न्यूज़ीलैंड इस नए सुधार के ज़रिए न सिर्फ विदेशी निवेश बढ़ाना चाहता है, बल्कि देश के सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े विकास कार्यों के लिए भी पैसा जुटाना चाहता है। निवेश और सामाजिक ज़िम्मेदारी को जोड़ने वाला यह मॉडल दुनिया भर में ध्यान खींच सकता है।