Chowmein Choking Hazard: नूडल्स और चाऊमीन खाते समय जरा सी लापरवाही सांस की नली में खाना फंसने का कारण बन सकती है। जानिए बच्चों को नूडल्स खिलाते समय क्या सावधानी रखें और चोकिंग पर क्या करें।

नूडल्स और चाऊमीन बच्चों से लेकर बड़ों तक की पसंदीदा डिश है, लेकिन इसे खाते समय की गई छोटी-सी लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। मिरहची की तनू के मामले में चाऊमीन सांस की नली में फंसने के बाद उसकी मौत की बात सामने आई है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों को नूडल्स खिलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत सामने ला दी है।

चाऊमीन सांस की नली में कैसे पहुंच जाती है?

मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा के मुताबिक सांस की नली को विंड पाइप कहा जाता है। नूडल्स लंबे और चिकने होते हैं, इसलिए अगर उन्हें ठीक से चबाए बिना निगला जाए तो उनके सांस की नली में जाने का खतरा हो सकता है।

खाना निगलते समय शरीर में एपिग्लोटिस सांस की नली को ढकने का काम करता है। लेकिन खाते समय हंसने, बोलने या जल्दबाजी करने से चोकिंग का जोखिम बढ़ सकता है। यही वजह है कि खाना हमेशा बैठकर और आराम से खाने की सलाह दी जाती है।

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बच्चों को नूडल्स खिलाते समय रखें खास ध्यान

डॉक्टर की सलाह के अनुसार चाऊमीन को अच्छी तरह चबाकर ही निगलना चाहिए। एक बार में बहुत ज्यादा नूडल्स मुंह में लेने से बचें और छोटे निवाले लें। बच्चों के मामले में नूडल्स को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर देना ज्यादा सुरक्षित तरीका है। खाते समय बच्चे को दौड़ने, खेलने, हंसने या बोलने न दें। खासकर छोटे बच्चों पर नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि वे भोजन को पर्याप्त चबाए बिना निगल सकते हैं।

सांस रुकने पर तुरंत क्या करें?

अगर कोई व्यक्ति खाना फंसने के बाद सांस नहीं ले पा रहा है या बोल नहीं पा रहा है, तो यह गंभीर चोकिंग हो सकती है और तुरंत आपातकालीन मदद लेनी चाहिए। वयस्कों और बड़े बच्चों में प्रशिक्षित व्यक्ति Heimlich maneuver (abdominal thrusts) का इस्तेमाल कर सकता है।

हालांकि शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए यही तरीका लागू नहीं होता। उनकी उम्र के अनुसार choking first aid अलग होती है। इसलिए ऐसी स्थिति में तुरंत स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेना सबसे जरूरी है।

चोकिंग कुछ ही मिनटों में जानलेवा हो सकती है, इसलिए नूडल्स हो या कोई दूसरा भोजन, खाते समय जल्दबाजी से बचना और बच्चों की निगरानी करना बेहद जरूरी है।

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