नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया है। कुछ अधिकारियों पर कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी होगी। यह फैसला सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए अपने 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया है। एजेंसी ने यह कार्रवाई अपने संगठन में सुधार और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में की है। NTA ने बताया कि हटाए गए अधिकारियों में से कुछ के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। हालांकि, एजेंसी ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन अधिकारियों पर किस मामले में कार्रवाई होगी।

पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा कदम

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब NTA पिछले कुछ समय से पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार चर्चा में रही है। इसी के चलते एजेंसी ने अपने ढांचे और कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू की है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई उसी सुधार अभियान का हिस्सा है। इसका मकसद परीक्षा प्रक्रिया को पहले से ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाना है।

शिक्षा मंत्रालय ने दिए और सुधारों के संकेत

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि आने वाले समय में NTA में सुधार से जुड़े कई और महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। मंत्रालय के अनुसार, एजेंसी के संपूर्ण पुनर्गठन (ओवरहॉल) की दिशा में यह एक अहम शुरुआत है। सुधारों के बाद परीक्षा प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि परीक्षाओं की निष्पक्षता बनी रहे और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत हो। सरकार का मानना है कि एजेंसी में किए जा रहे बदलाव भविष्य में परीक्षा संचालन को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाने में मदद करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, NTA अपने आउटसोर्सिंग तरीकों में बदलाव करने जा रही है, ताकि एक ऐसा सिस्टम बने, जिसमें पेपर लीक न हो सके। यह जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट जैसे बड़े कदम उठाने की घोषणा के एक दिन बाद सामने आई है।

NTA क्या है?

एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को केंद्र सरकार ने 2017 में उच्च शिक्षण संस्थानों में एडमिशन और फेलोशिप के लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के लिए एक स्वायत्त और आत्मनिर्भर टेस्टिंग एजेंसी के तौर पर स्थापित किया था। शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाली यह एजेंसी कम से कम 20 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करती है, जिनमें JEE, NEET और CUET शामिल हैं। NTA में बदलाव पेपर लीक को रोकने की प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा का हिस्सा है, खासकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में हुए बड़े विरोध-प्रदर्शन के बाद, जिसे देश भर के छात्रों और विपक्षी दलों का समर्थन मिला था।