Subhadra Yojana 5th Installment: ओडिशा सरकार ने सुभद्रा योजना के तहत 28 अगस्त को 1.03 करोड़ महिलाओं के खातों में 5000 रुपये की 5वीं किस्त भेजी, कुल 5160 करोड़ ट्रांसफर हुए। सालाना 10,000 का लाभ रक्षा बंधन और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दो किस्तों में मिलता है। इस बार 2.21 लाख नई लाभार्थी जुड़ीं।
Subhadra Yojana: ओडिशा की महिलाओं के लिए त्योहारों से पहले बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने सुभद्रा योजना के तहत 5वीं किस्त की राशि जारी कर दी है। 28 अगस्त को करीब 1.03 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 5,000 रुपये सीधे भेजे गए। इस बार सरकार ने कुल 5,160 करोड़ रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए जारी की है। खास बात यह है कि इस किस्त के साथ 2.21 लाख नई महिलाएं भी योजना के लाभार्थियों में शामिल हुई हैं।
5वीं किस्त में महिलाओं को मिले ₹5,000
सुभद्रा योजना के तहत जारी यह राशि लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में सीधे जमा की गई है। सरकार की ओर से इस किस्त के लिए 5,160 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। अगर आप इस योजना की लाभार्थी हैं तो अपने बैंक खाते का विवरण या बैंक संदेश देखकर भुगतान की पुष्टि कर सकती हैं।
साल में मिलते हैं ₹10,000
सुभद्रा योजना की शुरुआत वर्ष 2024 में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर साल कुल 10,000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि दो बराबर किस्तों में मिलती है। पहली किस्त रक्षाबंधन के आसपास और दूसरी किस्त अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दी जाती है। इस तरह पांच साल में पात्र महिला को कुल 50,000 रुपये मिलने का प्रावधान है।
किन महिलाओं को मिल सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला का ओडिशा का निवासी होना जरूरी है। आवेदक की उम्र 21 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना या राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत आने वाली महिलाएं पात्र हो सकती हैं। वहीं, जिन परिवारों के पास संबंधित राशन कार्ड नहीं है, वे भी कुछ निर्धारित शर्तों के तहत आवेदन कर सकते हैं। ऐसे परिवार की सालाना आय 2.50 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
इन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ
सरकार ने योजना के लिए कुछ अपात्रता की शर्तें भी तय की हैं। ऐसी महिलाएं जो पहले से राज्य की किसी योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपये या उससे ज्यादा की सहायता प्राप्त कर रही हैं, उन्हें सुभद्रा योजना का लाभ नहीं दिया जाता। पेंशन जैसी नियमित सरकारी सहायता पाने वाली महिलाओं को भी निर्धारित नियमों के तहत योजना से बाहर रखा जा सकता है।
खाते में पैसा नहीं आया तो क्या करें?
अगर पात्र होने के बावजूद 5,000 रुपये की राशि आपके खाते में दिखाई नहीं दे रही है तो सबसे पहले बैंक खाते की जानकारी जांच लें। आवेदन में दर्ज विवरण, बैंक खाता और दस्तावेजों में किसी तरह की गलती या जानकारी का मिलान न होने पर भुगतान रुक सकता है। ऐसे में आवेदन की स्थिति और बैंक खाते की जानकारी दोबारा जांचना जरूरी है।
ऐसे किया जा सकता है आवेदन
सुभद्रा योजना का आवेदन पत्र आंगनवाड़ी केंद्र, प्रखंड कार्यालय और शहरी स्थानीय निकाय कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। फॉर्म में मांगी गई जानकारी सही-सही भरने के बाद जरूरी दस्तावेज लगाने होते हैं। आवेदन को सामान्य सेवा केंद्र पर जमा किया जा सकता है। आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद संभालकर रखना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर आवेदन की स्थिति की जानकारी ली जा सके।
2.21 लाख नई महिलाओं को भी मिला मौका
इस बार की किस्त में 2.21 लाख नई महिलाओं का जुड़ना योजना के विस्तार को दिखाता है। यानी सुभद्रा योजना के तहत लाभ पाने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।
