1999 में 6,000 रुपये मासिक वेतन से नौकरी शुरू करने वाले इंजीनियर ने इतनी बड़ी संपत्ति कैसे बनाई? क्या सभी जमीन, इमारतें और वित्तीय निवेश वैध स्रोतों से खरीदे गए थे? घर और बैंक लॉकर से मिले 2.4 करोड़ रुपये नकद का स्रोत क्या है? भुवनेश्वर और आसपास मिले 13-14 महंगे प्लॉट किस नाम पर खरीदे गए हैं? जानते हैं ऐसे ही सवालों के जवाब।
Odisha Vigilance Raid: ओडिशा के कंधमाल जिले के बालीगुडा स्थित इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट एजेंसी (ITDA) में कार्यरत असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) बैकुंठ नाथ बेहरा आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच के दायरे में आ गए हैं। ओडिशा विजिलेंस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। शनिवार को ओडिशा विजिलेंस की टीम ने बैकुंठ नाथ बेहरा से जुड़ी 9 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इन स्थानों में उनका वर्तमान आवास, पैतृक घर, कार्यालय और अन्य संपत्तियां शामिल थीं। विजिलेंस अधिकारियों का आरोप है कि बेहरा ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसी शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

1999 में शुरू हुआ था सरकारी करियर
विजिलेंस रिकॉर्ड के अनुसार, बैकुंठ नाथ बेहरा ने वर्ष 1999 में नबरंगपुर ब्लॉक में जूनियर इंजीनियर (सिविल) के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनकी मासिक सैलरी करीब 6,000 रुपये थी। इसके बाद उन्होंने नबरंगपुर, उदाला और अन्य क्षेत्रों में ITDA तथा विभिन्न सरकारी विभागों में अलग-अलग पदों पर सेवाएं दीं। अक्टूबर 2016 में उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर पदोन्नति मिली और उनकी नियुक्ति ITDA नबरंगपुर में हुई। बाद में फरवरी 2026 में उन्हें असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बनाया गया और बालीगुडा स्थित ITDA में पोस्टिंग दी गई, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं।
छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोना, जमीन और अन्य वित्तीय संपत्तियों का पता चला है। शुरुआती जांच में निम्नलिखित संपत्तियां सामने आई हैं:
- बैंक लॉकर और घर से लगभग 2.4 करोड़ रुपये नकद बरामद
- पांच बहुमंजिला इमारतें
- भुवनेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में 13 कीमती प्लॉट
- 341 ग्राम सोने के आभूषण
- 45 लाख रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि
अधिकारियों के अनुसार, बरामद इमारतों और अन्य संपत्तियों का बाजार मूल्य अभी आंका जा रहा है।
भुवनेश्वर समेत कई शहरों में चली जांच
यह छापेमारी भुवनेश्वर, बालासोर, जाजपुर और बालीगुडा सहित कई स्थानों पर की गई। जांच के दौरान कई आलीशान मकानों, महंगी जमीनों और अन्य वित्तीय निवेशों की जानकारी सामने आई है। विजिलेंस विभाग का कहना है कि कार्रवाई अभी जारी है और संपत्तियों से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जुटाई जा रही है।
SP सुशांत कुमार बिस्वाल ने क्या कहा?
सेल डिवीजन विजिलेंस के एसपी सुशांत कुमार बिस्वाल ने बताया कि शनिवार को बैकुंठ नाथ बेहरा के घर, पैतृक मकान और कार्यालय समेत नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान भुवनेश्वर और आसपास के इलाकों में पांच बहुमंजिला इमारतें, 13 कीमती प्लॉट, सोने के गहने, नकदी और बैंक जमा राशि का पता चला है। साथ ही बैंक लॉकर और घर से लगभग 2.4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
ओडिशा की बड़ी भ्रष्टाचार जांचों में शामिल हो सकता है मामला
भारी मात्रा में नकदी, महंगी संपत्तियों और वित्तीय निवेशों के सामने आने के बाद यह मामला वर्ष 2026 की ओडिशा की प्रमुख भ्रष्टाचार-रोधी जांचों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संपत्ति की कुल कीमत और अन्य वित्तीय विवरण सार्वजनिक किए जाएंगे। फिलहाल मामले की जांच जारी है।


