Supreme Court CJI: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने विपक्षी नेताओं का ज्ञापन लेने से मना कर दिया है। CJI का कहना है कि विपक्ष जिस मामले में दखल चाहता है, वह पहले से ही कोर्ट में है। ऐसे में नेताओं से मुलाकात करना सही नहीं होगा।
Delhi Metro Restrictions: मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने विपक्षी नेताओं का ज्ञापन स्वीकार करने और उनसे मुलाकात करने से इनकार कर दिया है। विपक्ष इस मामले में CJI को ज्ञापन सौंपना चाहता था, लेकिन उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि संबंधित मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पहले से सुनवाई चल रही है। ऐसे में नेताओं से मुलाकात करना उचित नहीं होगा।
CJI ने कहा कि मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हमेशा खुले हैं। विपक्ष जिन मुद्दों को उठा रहा है, उनका समाधान प्रशासनिक स्तर पर किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह व्यक्तिगत रूप से इस मामले में कोई कदम नहीं उठा सकते। हालांकि, विपक्ष यदि इस संबंध में याचिका दायर करता है, तो उसे पहले से लंबित मामले के साथ जोड़कर तत्काल सुनवाई के लिए रखा जा सकता है।
दूसरी ओर, 'इंडिया' गठबंधन आज शाम सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी में है। इस मार्च को रोकने के लिए सरकार की ओर से भी कदम उठाए जाने की बात सामने आई है।
दिल्ली में छात्र संगठनों का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर वामपंथी छात्र संगठन आज भी दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। संगठन जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति लेने के लिए एक बार फिर पुलिस से संपर्क करेंगे। इसी बीच, 'इंडिया' गठबंधन की अहम बैठक भी होने वाली है। बैठक के बाद गठबंधन के नेता शाम को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे। इस घटनाक्रम के बीच दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
विधानसभा में पेश होगा प्रस्ताव, बीजेपी भी निकालेगी मार्च
मुख्यमंत्री आज विधानसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग से जुड़ा प्रस्ताव पेश करेंगे। एलडीएफ (LDF) इस प्रस्ताव का समर्थन करेगा, जबकि बीजेपी इसका विरोध करेगी। बीजेपी का कहना है कि यदि ज्ञानेश कुमार की निगरानी में हुए चुनाव में धांधली हुई है, तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। इसी मांग को लेकर बीजेपी आज विधानसभा तक मार्च निकालने की तैयारी में है। इस तरह, CJI से मुलाकात को लेकर विपक्ष की कोशिश, सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च और विधानसभा में पेश होने वाले प्रस्ताव के चलते राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।
