Pakistan Wedding Suicide Blast: क्या पाकिस्तान में अब शादियां भी सुरक्षित नहीं रहीं? खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान में शादी के दौरान आत्मघाती धमाका। नाचते मेहमानों के बीच हुए विस्फोट में 5 की मौत, 10 घायल। क्या शांति समिति ही असली निशाना थी? 

पेशावर(पाकिस्तान)। पाकिस्तान आत्मघाती हमला, खैबर पख्तूनख्वा ब्लास्ट, और शादी समारोह में धमाका-ये शब्द एक बार फिर पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार रात एक शादी का माहौल अचानक दहशत में बदल गया। जहां कुछ पल पहले लोग खुश होकर नाच-गा रहे थे, वहीं अगले ही पल एक जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को हिला दिया। यह आत्मघाती धमाका डेरा इस्माइल खान जिले में हुआ, जहां एक शांति समिति के सदस्य के घर शादी समारोह चल रहा था। इस हमले में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

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नाचते मेहमानों के बीच अचानक क्या हुआ?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमले के समय शादी में शामिल मेहमान नाच रहे थे और माहौल पूरी तरह खुशनुमा था। तभी अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना ताकतवर था कि जिस कमरे में शादी चल रही थी, उसकी छत गिर गई। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग मलबे के नीचे दब गए। छत गिरने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी काफी दिक्कतें आईं। मलबे के कारण घायलों तक पहुंचना आसान नहीं था, जिससे कुछ लोगों की जान नहीं बच पाई।

आत्मघाती हमला था या कोई और साजिश?

डेरा इस्माइल खान के जिला पुलिस अधिकारी सज्जाद अहमद साहिबजादा ने साफ किया कि यह एक आत्मघाती बम धमाका था। यह हमला कुरैशी मोड़ के पास शांति समिति के प्रमुख नूर आलम महसूद के घर में हुआ। शुरुआती जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि हमलावर ने खुद को शादी समारोह के दौरान विस्फोट से उड़ा लिया।

रेस्क्यू टीम मौके पर कितनी जल्दी पहुंची?

खैबर पख्तूनख्वा रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही सात एम्बुलेंस, एक फायर ब्रिगेड वाहन और एक आपदा राहत वाहन मौके पर भेजे गए। जिला मुख्यालय अस्पताल में तुरंत इमरजेंसी घोषित कर दी गई और सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

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क्या शांति समिति के सदस्य ही निशाने पर थे?

प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया है कि मृतकों में शांति समिति के नेता वहीदुल्ला महसूद, जिन्हें जिगरी महसूद के नाम से भी जाना जाता था, शामिल हैं। इससे यह आशंका और मजबूत हो जाती है कि यह हमला खास तौर पर शांति समिति को निशाना बनाकर किया गया।

खैबर पख्तूनख्वा में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले?

यह पहला मामला नहीं है। इसी महीने की शुरुआत में बन्नू जिले में हथियारबंद हमलावरों ने शांति समिति के चार सदस्यों की हत्या कर दी थी। नवंबर 2025 में भी बन्नू जिले में शांति समिति के कार्यालय पर हमला हुआ था, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी।

सरकार और प्रशासन ने क्या प्रतिक्रिया दी?

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक से पूरी रिपोर्ट तलब की और कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन क्या पाकिस्तान में अब आम नागरिकों की निजी खुशियों तक भी सुरक्षित नहीं रहीं? शादी जैसे निजी और पारिवारिक समारोहों में इस तरह के आतंकी हमले देश की आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर चिंता पैदा करते हैं।