अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार को हुए दो हफ़्तों के सीज़फ़ायर पर कन्फ्यूज़न बना हुआ है। इस गड़बड़ी के लिए मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है। पाकिस्तान ने कथित तौर पर दोनों देशों को समझौते के अलग-अलग ड्राफ़्ट दिए, जिसके चलते लेबनान पर भीषण इजरायली हमला हुआ।

इस्लामाबाद/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार को हुए दो हफ़्तों के अस्थायी सीज़फ़ायर को लेकर गुरुवार को भी भारी कन्फ्यूज़न की स्थिति बनी रही। इस पूरी गड़बड़ी के लिए मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान पर आरोप लग रहे हैं। डील में अहम भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने ऐलान किया था कि सीज़फ़ायर तुरंत लागू होगा और यह लेबनान समेत दूसरे देशों पर भी लागू होगा। इसी पर भरोसा करके ईरान ने भी लेबनान में सीज़फ़ायर लागू होने की बात कह दी।

लेकिन इसके तुरंत बाद, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस सीज़फ़ायर का लेबनान के विद्रोहियों से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद बुधवार को इजरायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हमला कर दिया, जिसमें 300 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने भी साफ किया कि सीज़फ़ायर सिर्फ ईरान के लिए है, लेबनान के लिए नहीं। उन्होंने कहा, 'शायद ईरान को इस मामले में कोई कन्फ्यूज़न हुआ है।'

पाकिस्तान ने दिए 2 अलग-अलग ड्राफ़्ट?

ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे कन्फ्यूज़न की जड़ पाकिस्तान है, जिसने बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों को सीज़फ़ायर की शर्तों वाला एक जैसा ड्राफ़्ट नहीं दिया। उसने अमेरिका को एक अलग ड्राफ़्ट और ईरान को एक अलग ड्राफ़्ट थमा दिया, जिससे यह सारी गड़बड़ी हुई।

अब सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान सीज़फ़ायर की ज़िम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा? इसका नतीजा यह हुआ है कि ईरान ने इजरायल पर सीज़फ़ायर तोड़ने का आरोप लगाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है और 'सीज़फ़ायर खत्म करने' की धमकी दी है।

लेबनान से बातचीत को तैयार: नेतन्याहू

तेल अवीव: यह कहने के बाद कि अमेरिका-ईरान सीज़फ़ायर लेबनान पर लागू नहीं होता, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गुरुवार रात थोड़े नरम पड़े। उन्होंने कहा कि वह लेबनान सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। लेबनान पर इजरायल के भीषण हमले के बाद वहां के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इजरायल से बातचीत में दिलचस्पी दिखाई थी। इस पर नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हमारा लक्ष्य लेबनान में हिज़्बुल्लाह के आतंकियों को निहत्था करना है। इस दिशा में लेबनान के प्रधानमंत्री की बातचीत की पेशकश का हम स्वागत करते हैं।' यह बातचीत 14 अप्रैल से वॉशिंगटन में हो सकती है।

हिज़्बुल्लाह के डिप्टी चीफ़ का करीबी सहयोगी ढेर

बेरूत: यह कहने के बाद कि ईरान का सीज़फ़ायर लेबनान पर लागू नहीं होता, इजरायल ने लेबनान पर हमला कर दिया। इस हमले में हिज़्बुल्लाह के डिप्टी चीफ़ नईम कासेम के करीबी सहयोगी अली यूसुफ हर्षी को मार गिराया गया। इजरायली सेना ने खुद बयान जारी कर बताया कि इजरायली रक्षा बलों ने बेरूत इलाके में हमला किया। इस दौरान नईम कासेम के भतीजे और निजी सचिव अली यूसुफ हर्षी को मार दिया गया। वह कासेम का करीबी सहयोगी, निजी सलाहकार था और उसके दफ्तर के मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाता था।

लेबनान में 300 की मौत

बेरूत: बुधवार को लेबनान पर इजरायल के भीषण हमले में कम से कम 300 लोग मारे गए और 1000 से ज़्यादा घायल हो गए। यह पिछले 5 हफ़्तों से लेबनान के हिज़्बुल्लाह और इजरायल के बीच चल रही जंग में एक दिन में हुई मौतों की सबसे बड़ी संख्या है।

3 पत्रकारों की मौत

बेरूत: गाज़ा पर इजरायली हमले में अल जज़ीरा चैनल के एक रिपोर्टर और लेबनान में हुए हमले में दो पत्रकारों समेत तीन की मौत हो गई है। अल जज़ीरा के मोहम्मद विशा, और लेबनान में एक टीवी चैनल की एंकर और एक महिला रिपोर्टर मारी गईं।