महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड़ में चलती एंबुलेंस से 1 मरीज स्ट्रेचर समेत सड़क पर गिर गया। गनीमत रही कि उसे गंभीर चोट नहीं आई और वापस अस्पताल ले जाया गया। वीडियो वायरल होने पर लोग लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं।
एंबुलेंस का काम मरीजों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना होता है। लेकिन सोचिए, अगर उसी एंबुलेंस से कोई मरीज स्ट्रेचर समेत सड़क पर गिर जाए तो क्या होगा? यह किसी फिल्मी सीन जैसा लग सकता है, लेकिन महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड़ स्थित यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल (YCM) अस्पताल की एंबुलेंस के साथ असल में ऐसा ही हुआ। रविवार को अस्पताल परिसर के पास हुए इस हादसे का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होते ही बवाल मच गया है। लोग अब मरीजों की सुरक्षा और अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी पर तीखे सवाल उठा रहे हैं।
चलती एंबुलेंस से छिटककर बाहर गिरा मरीज
फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, YCM अस्पताल की एंबुलेंस जब सड़क से गुजर रही थी, तभी मरीज स्ट्रेचर के साथ बाहर गिर पड़ा। हैरानी की बात यह है कि एंबुलेंस ड्राइवर को शुरुआत में इसका पता ही नहीं चला। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जब स्थानीय लोग स्ट्रेचर के पास पहुंचे और शोर मचाया, तब जाकर एंबुलेंस वापस लौटी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गनीमत रही कि मरीज को कोई गंभीर चोट नहीं आई। रिपोर्ट में बताया गया है कि गिरने के बाद मरीज को वापस अस्पताल ले जाया गया और उसका इलाज किया गया। हालांकि, मरीज की मौजूदा हालत को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के बाद आरोप लग रहे हैं कि एंबुलेंस का पिछला दरवाजा ठीक से बंद नहीं था और स्ट्रेचर को भी सुरक्षित तरीके से लॉक नहीं किया गया था। कई लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या मरीज की देखभाल के लिए एंबुलेंस में कोई स्टाफ मौजूद था या नहीं।
ड्राइवर से लोगों ने किए सवाल
मरीज के सड़क पर गिरने के बाद वहां मौजूद लोगों ने एंबुलेंस ड्राइवर को घेर लिया और उससे पूछताछ की। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में लोग ड्राइवर से पूछते नजर आ रहे हैं कि गाड़ी चलाने से पहले क्या उसने पिछला दरवाजा लॉक किया था? क्या मरीज को ले जाने के लिए जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था? फुटेज में घटना के बाद ड्राइवर और एक पुलिस कांस्टेबल को मौके पर वापस लौटते हुए भी देखा जा सकता है। अब स्थानीय लोग इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
