SCO शिखर सम्मेलन में PM मोदी ने आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आतंकवाद पर दोहरे मापदंड खत्म करने और विकास परियोजनाओं में देशों की संप्रभुता का सम्मान करने का आह्वान किया।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों पर करारा हमला बोला है। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने मांग की कि आतंकवाद के मामले में दुनिया को एक सुर में बोलना चाहिए और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को मदद करने वालों को अलग-थलग करना जरूरी है। यह तीखी टिप्पणी उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में की।
इस समिट के दौरान पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हाथ मिलाया। हालांकि, उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को नजरअंदाज कर दिया।
अपने भाषण में पीएम मोदी ने संदेश दिया कि मानवता के लिए आतंकवाद को जड़ से खत्म करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "आतंकवादियों को मिलने वाले सुरक्षित ठिकानों और आर्थिक मदद को रोकना होगा, कट्टरपंथ का मुकाबला करना होगा और किसी भी देश को आतंकवाद को अपनी नीति का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए।"
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि किसी भी विकास परियोजना को देशों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान करना चाहिए। इसे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से गुजरने वाले चीन के सड़क निर्माण प्रोजेक्ट पर एक अप्रत्यक्ष संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा, मोदी ने ड्रग माफिया के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने का भी सुझाव दिया।
शंघाई समिट में दिखी तस्वीरों से यह संकेत भी मिल रहे हैं कि इस महीने दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हो सकते हैं।


